रूसी तेल खरीद पर भारत पर 100% शुल्क का खतरा 
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रूसी तेल खरीद पर भारत पर 100% शुल्क का खतरा, अमेरिकी सीनेट में प्रतिबंध विधेयक पारित

अमेरिकी सीनेट की सख्त कार्रवाई से भारत की ऊर्जा लागत पर संकट के बादल, रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों वाला विधेयक अब प्रतिनिधि सभा और ट्रंप की मंजूरी की राह पर

नई दिल्ली : रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत पर अमेरिका में 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का खतरा बढ़ गया है। अमेरिकी सीनेट ने शुक्रवार को रूस और ईरान पर प्रतिबंध से जुड़े विधेयक को भारी बहुमत से पारित कर दिया। अब यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में जाएगा और वहां मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा।

भारत और चीन समेत 5 देशों पर शुल्क का खतरा

‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट, 2026’ नाम के इस द्विदलीय विधेयक को सीनेट में 86-11 मतों से मंजूरी मिली। इसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों के उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान है। इस सूची में फिलहाल चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं।

भारत ने बढ़ाई रूस से कच्चे तेल की खरीद

अमेरिका का कहना है कि रूस से तेल खरीदने वाले देश उसकी ऊर्जा आय के जरिए यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दे रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है। जुलाई में भारत का रूसी तेल आयात रिकॉर्ड 27.8 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया।

भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार समझौता वार्ता

इस बीच भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर भी बातचीत जारी है। दोनों देश समझौते के अंतिम चरण में हैं और नए अमेरिकी शुल्क से वार्ता पर असर पड़ने की आशंका है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुका है और घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रहा है।

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