नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम : टाटा समूह ने केरल में करीब 10,000 करोड़ रुपये (एक अरब डॉलर) के निवेश से शिपबिल्डिंग परियोजना स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बताया कि राज्य सरकार इस निवेश प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख रखे हुए है और अगले एक महीने में इसे मंजूरी मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा समूह शिपबिल्डिंग क्षेत्र में निवेश के लिए तैयार है और राज्य सरकार परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगी। हालांकि, प्रस्तावित संयंत्र की उत्पादन क्षमता और निर्माण शुरू होने की समयसीमा फिलहाल तय नहीं की गई है। टाटा समूह की ओर से इस प्रस्ताव पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई।
यह निवेश टाटा समूह के कारोबार में एक नया क्षेत्र जोड़ेगा। वर्तमान में समूह इस्पात, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, उपभोक्ता उत्पाद और आतिथ्य जैसे कई क्षेत्रों में सक्रिय है।
भारत सरकार देश की जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाने और वैश्विक समुद्री व्यापार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में भारत और दक्षिण कोरिया ने अप्रैल में शिपबिल्डिंग क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
केरल भी विजिंजम और कोच्चि जैसे प्रमुख बंदरगाहों के आसपास शिपबिल्डिंग, जहाज मरम्मत और समुद्री उद्योग से जुड़े अन्य कारोबार विकसित कर समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहता है। उल्लेखनीय है कि अडाणी समूह का विजिंजम डीप-सी ट्रांसशिपमेंट पोर्ट पहले से विकसित हो रहा है, जहां एमएससी मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी 1.4 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जता चुकी है।