नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की स्वीकार्यता अब ‘अर्ली एडॉप्टर्स’ चरण से आगे बढ़कर ‘अर्ली मेजॉरिटी’ तक पहुंच रही है। इस बदलते बाजार रुझान को देखते हुए Tata Motors Passenger Vehicles (TMPV) ने FY31 तक EV सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए बड़ा रोडमैप पेश किया है।
कंपनी ने बताया कि वह FY31 तक 30% से अधिक EV पैठ (penetration) हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है और इसके लिए नए उत्पादों और तकनीकी सुधारों पर तेजी से काम किया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, अब EVs केवल शुरुआती ग्राहकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह early majority उपभोक्ताओं तक पहुंच चुके हैं। ये वे ग्राहक होते हैं जो किसी तकनीक को अपनाने से पहले उसके सफल उपयोग के उदाहरण देखते हैं।
TMPV का मानना है कि आने वाले समय में late majority उपभोक्ता भी EV अपनाने लगेंगे, जिससे बाजार में तेजी से विस्तार होगा।
कंपनी के निवेशक प्रस्तुतीकरण के अनुसार, FY31 तक उसका EV पोर्टफोलियो 10 नामप्लेट्स (nameplates) तक पहुंच जाएगा। इसके तहत 4 नए इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च किए जाएंगे और मौजूदा मॉडल्स के 10 से अधिक फेसलिफ्ट और अपडेट्स आएंगे।
वर्तमान EV लाइनअप में Xpres-T, Curvv.ev, Harrier.ev, Nexon.ev, Punch.ev और Tiago.ev शामिल हैं।
आगामी उत्पादों में Sierra.ev, Avinya कॉन्सेप्ट पर आधारित एक मॉडल के अलावा दो अन्य नए इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं।
कंपनी ने संकेत दिया है कि वह लगातार नए प्रोडक्ट लॉन्च के जरिए अपने EV पोर्टफोलियो को मजबूत बनाएगी।
Tata Motors Passenger Vehicles EV तकनीक में भी बड़े सुधार की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य है:
EV रेंज को 2 से 3 गुना बढ़ाना
फास्ट चार्जिंग को 3 गुना तेज करना
बैटरी एनर्जी डेंसिटी में 20–23% सुधार
इसके लिए कंपनी तीसरी पीढ़ी की बैटरी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, जिसमें 75 kWh से अधिक क्षमता वाली बैटरियां शामिल होंगी।