मुंबई: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 605 अंक नुकसान में रहा जबकि एनएसई निफ्टी में 193 अंक की गिरावट आई। अमेरिकी शुल्क बढ़ने की चिंताओं और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। कारोबारियों ने कहा कि भारतीय बाजारों से विदेशी पूंजी की लगातार निकासी ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।
निफ्टी और सेंसेक्स का प्रदर्शन
शुरुआती कारोबार में मामूली सुधार के बाद, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपनी गति बरकरार रखने में विफल रहा और 604.72 अंक यानी 0.72 प्रतिशत गिरकर 83,576.24 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 778.68 अंक यानी 0.92 प्रतिशत गिरकर 83,402.28 तक चला गया था। दूसरी ओर 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 193.55 अंक यानी 0.75 प्रतिशत टूटकर 25,683.30 पर बंद हुआ।
कंपनियों का प्रदर्शन
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, अदाणी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, सन फार्मा और बजाज फाइनेंस में प्रमुख रूप से गिरावट रही। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज लाभ में रहे।
FII और DII का प्रदर्शन
इससे पहले बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 780.18 अंक यानी 0.92 प्रतिशत गिरकर 84,180.96 पर और निफ्टी 263.90 अंक यानी 1.01 प्रतिशत गिरकर 25,876.85 पर बंद हुआ था। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 3,367.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,701.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
अन्य बाजारों का हाल
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजार सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे, जबकि अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.18 प्रतिशत बढ़कर 62.10 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।