हरियाणा में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने की रणनीति तेज 
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हरियाणा में EV विस्तार पर बड़ा कदम: 2000 करोड़ की योजना तैयार

राज्य में चार्जिंग स्टेशन, सपोर्ट नेटवर्क और अन्य सुविधाओं पर 2000 करोड़ रुपये खर्च कर ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, 18 विभागों को जमीन चिन्हित करने का जिम्मा

फरीदाबाद: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच हरियाणा सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब ‘पीएम ई-ड्राइव’ योजना के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने की तैयारी में है।

इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए राज्य के 18 विभागों को एक साथ जोड़ा गया है। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे EV इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान कर जल्द रिपोर्ट सौंपें।

2000 करोड़ रुपये से बनेगा EV इंफ्रास्ट्रक्चर

राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से चार्जिंग स्टेशन, सपोर्टिंग नेटवर्क और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में राज्य में ईंधन पर निर्भरता कम की जाए और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाया जाए।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम बना नोडल एजेंसी

इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) को नोडल एजेंसी के रूप में सौंपी गई है। निगम ने सभी संबंधित विभागों को पत्र भेजकर EV परियोजना के लिए उपयुक्त जमीन की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की तैयारी पर फोकस

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह योजना केवल परिवहन सुधार का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसे ऊर्जा सुरक्षा रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को एक मजबूत विकल्प के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

तेल संकट की वैश्विक चुनौती के बीच हरियाणा का यह कदम आने वाले समय में राज्य को स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था की ओर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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