ITC ने अपनी लोकप्रिय Classic ब्रांड की छोटी साइज की सिगरेट बाजार में उतारी है। 
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एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद ITC का बड़ा दांव, लॉन्च की छोटी Classic सिगरेट

एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद ITC ने कीमत-संवेदनशील ग्राहकों को साधने के लिए 75 मिमी लंबाई वाली छोटी Classic सिगरेट उतारी, 10 स्टिक पैक की कीमत रखी 170 रुपये

नई दिल्लीः वर्ष 2026 ITC के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। सरकार द्वारा सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद कंपनी के सबसे लाभदायक और प्रमुख कारोबार पर दबाव बढ़ गया है। बढ़ी हुई कर दरों के कारण सिगरेट की बिक्री प्रभावित होने की आशंका के बीच ITC ने अपनी लोकप्रिय Classic ब्रांड की छोटी साइज की सिगरेट बाजार में उतारी है।

सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने 75 मिमी लंबाई वाली नई Classic सिगरेट लॉन्च की है, जिसकी कीमत 17 रुपये प्रति स्टिक रखी गई है। यह नया उत्पाद फिलहाल केवल उन बाजारों में उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां उपभोक्ता कीमत को लेकर अधिक संवेदनशील हैं।

सिर्फ 10 सिगरेट वाले पैक में होगी उपलब्ध

डीलरों के मुताबिक, नई छोटी Classic सिगरेट केवल 10 स्टिक वाले पैक में बेची जा रही है। माना जा रहा है कि कंपनी का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को बनाए रखना है, जो कीमत बढ़ने पर सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।

बढ़े टैक्स के असर को कम करने की कोशिश

तंबाकू उद्योग में आमतौर पर कर बढ़ने के बाद कंपनियां या तो पूरी लागत ग्राहकों पर डाल देती हैं या फिर उत्पाद के आकार और पैकेजिंग में बदलाव कर कीमत को नियंत्रित रखने का प्रयास करती हैं।

ITC ने दूसरी रणनीति अपनाते हुए सिगरेट की लंबाई कम की है। इससे कंपनी बढ़े हुए टैक्स के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित कर सकती है, जबकि उपभोक्ताओं के लिए पैक की कीमत अपेक्षाकृत आकर्षक बनी रहती है।

बिक्री और बाजार हिस्सेदारी बचाने पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कीमत को लेकर संवेदनशील ग्राहकों को बनाए रखने और बिक्री में संभावित गिरावट को रोकने के लिए उठाया गया है। बढ़ी हुई कीमतों के कारण कई उपभोक्ता सस्ते ब्रांडों या अन्य विकल्पों की ओर जा सकते हैं, ऐसे में छोटी सिगरेट ITC के लिए बाजार हिस्सेदारी बचाने का माध्यम बन सकती है।

कंपनी की ओर से नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

हालांकि, ITC ने अब तक इस नए उत्पाद के लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कंपनी का सिगरेट कारोबार उसके कुल मुनाफे का बड़ा हिस्सा देता है। इसके अलावा ITC एफएमसीजी, पेपरबोर्ड, कृषि व्यवसाय और होटल क्षेत्र में भी सक्रिय है।

उद्योग की नजरें ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि उपभोक्ता इस नए उत्पाद को कितना स्वीकार करते हैं और क्या यह रणनीति बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी के असर को कम करने में ITC की मदद कर पाती है।

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