नई दिल्ली : सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) 15 अगस्त तक 24 राज्यों के 100 और शहरों में 10 किलोग्राम वाला एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। कंपनी ने यह जानकारी जून तिमाही के नतीजों के बाद आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में दी।
बीपीसीएल ने बताया कि उसने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कच्चे तेल की खरीद के स्रोतों में विविधता बढ़ाई है। कंपनी ने वेनेजुएला और अंगोला से खरीद बढ़ाई, जबकि रूस से खरीदा गया कच्चा तेल कुल खरीद का 38 प्रतिशत रहा।
कंपनी के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में स्पॉट कार्गो के जरिए कच्चे तेल की खरीद बढ़कर 69 प्रतिशत हो गई, जो एक वर्ष पहले 44 प्रतिशत थी।
बीपीसीएल के पास फिलहाल 38 लाख टन कच्चे तेल का भंडार है, जो करीब 35 दिनों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है।
कंपनी ने कहा कि उसकी मोजाम्बिक एलएनजी परियोजना में परिचालन वित्त वर्ष 2028-29 में शुरू होने की उम्मीद है।
परिचालन संबंधी अपडेट कंपनी के जून तिमाही के कमजोर वित्तीय नतीजों के साथ सामने आए। बीपीसीएल को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ₹3,962 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछली तिमाही में कंपनी ने ₹3,919 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।
हालांकि, कंपनी का घाटा बाजार के अनुमानित ₹12,632 करोड़ से काफी कम रहा। तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व ₹1.51 लाख करोड़ रहा, जबकि परिचालन स्तर पर उसे ₹4,077 करोड़ का EBITDA घाटा हुआ।
नतीजों के बाद सिटी ने बीपीसीएल के शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹350 का लक्ष्य मूल्य दिया। ब्रोकरेज ने कहा कि चुनौतीपूर्ण व्यापक आर्थिक माहौल के बावजूद कंपनी का परिचालन प्रदर्शन मजबूत रहा है।
मैक्वायरी ने भी शेयर पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग कायम रखते हुए ₹370 का लक्ष्य मूल्य रखा। उसके अनुसार, कमजोर मार्केटिंग प्रदर्शन की भरपाई उम्मीद से बेहतर रिफाइनिंग आय ने कुछ हद तक की।
हालांकि, ब्रोकरेज ने आगाह किया कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव निकट अवधि में तेल विपणन कंपनियों की आय पर दबाव डाल सकता है।
दोपहर करीब 12:25 बजे बीपीसीएल का शेयर 0.49 प्रतिशत गिरकर ₹312.95 पर कारोबार कर रहा था, जबकि उस समय बीएसई सेंसेक्स में करीब 0.27 प्रतिशत की गिरावट थी।