पटना : बिहार के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में संदिग्ध परिस्थितियों में चार युवकों की मौत के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इनमें गरीब तथा वंचित वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
यादव ने कहा, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। यह कोई पहली घटना नहीं है, जिसमें जहरीली शराब से लोगों की मृत्यु हुई है। इससे पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हुई हैं। इसमें प्रशासन को देखना चाहिए। प्रशासन पूरी तरीके से लापरवाह है और बिहार में कानून-व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं तो यह गंभीर चिंता का विषय है। आखिर ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं और इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए। ऐसी घटनाओं में लगातार गरीब तबके के लोगों की जान जा रही है।
उन्होंने कहा, लगातार गरीब ही मारा जा रहा है, खासतौर पर दलित समुदाय या अति पिछड़े समाज के लोग। जेल में भी उन्हीं लोगों को भेजा जा रहा है। जो घटना हुई है, इसकी जांच होनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि चारों युवकों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
दरअसल, रविवार को पटना के बाढ़ अनुमंडल में संदिग्ध परिस्थितियों में चार युवकों की मौत के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव की है। ग्रामीणों का आरोप है कि चारों युवकों ने कथित तौर पर जहरीली शराब का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। बताया गया कि चारों युवकों की अचानक तबीयत खराब होने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक चारों युवकों की मौत की वजह के रूप में जहरीली शराब की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।