पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को लेकर राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव से पहले नौकरी का वादा करती है, लेकिन अब परीक्षा और भर्ती की मांग करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज कराया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि TRE-4 परीक्षा की मांग करना अपराध नहीं हो सकता और पेपर लीक का विरोध करने वालों पर कार्रवाई करना गलत है। उन्होंने सवाल किया कि परीक्षा और भर्ती की मांग करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है ?
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार के युवा केवल वही मांग कर रहे हैं, जिसका वादा राजग नेताओं ने चुनाव के दौरान किया था। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 1 करोड़ नौकरी देने की बात कही गई थी, लेकिन अब अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन पर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। तेजस्वी ने कहा कि यदि सरकार को पुलिस कार्रवाई का उपयोग करना ही है, तो उसका इस्तेमाल अपराध और भ्रष्टाचार रोकने में किया जाना चाहिए।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन कार्रवाई युवाओं पर की जा रही है। उनका कहना था कि परीक्षा और भर्ती की मांग करने वाले छात्रों पर बार-बार लाठीचार्ज किया जाना गलत संदेश दे रहा है।
TRE-4 भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर सरकार को घेरते हुए तेजस्वी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार की मंशा TRE-4 की रिक्तियां निकालने की नहीं है। उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि 17 महीने की सरकार में बिना पेपर लीक के TRE-1 और TRE-2 के माध्यम से 2 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जबकि करीब 1.30 लाख पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू कराई गई थी।
यादव ने कहा कि वर्ष 2024 और 2025 गुजर गए, लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी हो गए, लेकिन अब तकTRE-4 भर्ती की अधिसूचना जारी नहीं की गई। इस दौरान राज्य में राजनीतिक बदलाव होते रहे, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बदले गए, लेकिन शिक्षक भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।