पटना : RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव के सिलसिले में मंगलवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान से बातचीत की और समर्थन का आग्रह किया।
ईमान ने स्वीकार किया कि तेजस्वी यादव से उनकी बात हुई है और राज्यसभा चुनाव को लेकर बुधवार को दोनों के बीच विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन को समर्थन देने या नहीं देने का अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान करेगा।
वहीं, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के एकमात्र विधायक सतीश कुमार सिंह यादव ने बताया कि BSP किस गठबंधन के राज्यसभा उम्मीदवार का समर्थन करेगी, इसका निर्णय पार्टी का आलाकमान करेगा।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में AIMIM के पांच विधायक हैं और राज्यसभा चुनाव में उनका समर्थन अहम माना जा रहा है।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीट के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पांच और विपक्षी महागठबंधन का एक उम्मीदवार शामिल है। राज्य में खाली होने वाली पांच सीट में से दो सीट फिलहाल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पास थीं।
हालांकि, 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद के खराब प्रदर्शन के कारण संख्याबल नहीं होने की वजह से उसने इस बार केवल एक सीट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। राजद को 243 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में केवल 25 सीट पर जीत मिली थी। पार्टी ने अमरेंद्र धारी सिंह को राज्यसभा चुनाव के लिए फिर से उम्मीदवार बनाया है।
बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के 202 विधायक हैं और उसे बहुमत हासिल है। हालांकि NDA के पास सभी पांच राज्यसभा सीट जीतने के लिए तीन सदस्य कम हैं।RJD को महागठबंधन के अन्य दलों के 10 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वह 6 वोट की कमी को पूरा करने के लिए AIMIM और BSP के समर्थन की उम्मीद कर रहा है। हालांकि, इन दोनों दलों ने अभी तक किसी भी राज्यसभा उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा नहीं की है।
बिहार विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन आवश्यक होता है। हालांकि चुनाव को लेकर तेजस्वी द्वारा बुलाई गई महागठबंधन के घटक दलों के विधायकों की बैठक में बसपा और AIMIM विधायकों को आमंत्रित नहीं किया गया था।