पटना : बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि नेताओं की जिंदगी में 'शराब, शबाब और अय्याशी' के अलावा कुछ नहीं है। सांसद ने महिलाओं की सुरक्षा का भी मुद्दा उठाया और कहा कि महिलाएं घर, स्कूल, कोचिंग सेंटर, शेल्टर होम या हॉस्टल में भी सुरक्षित नहीं हैं।
बेगूसराय में होटल के अंदर युवती के साथ कथित दुष्कर्म और मारपीट मामले पर पप्पू यादव ने कहा, कल की घटना को देखा जाना चाहिए। अगर मेरा बस चले तो मैं आरोपी को 100 गोली मरवा दूं। जिस तरीके से बच्ची को बेरहमी से होटल में मारा गया, वह निंदनीय है। अगर कानून इजाजत दे तो उस आरोपी को एक मिनट भी जाने का हक नहीं है।
सांसद यादव ने कहा, अब महिलाएं घर पर भी सुरक्षित नहीं हैं। वे पड़ोसियों, शिक्षकों, सार्जेंट मेजर, पुलिस सब-इंस्पेक्टरों की हिंसा से सुरक्षित नहीं हैं। लड़कियां स्कूलों, कोचिंग सेंटरों, शेल्टर होम या हॉस्टलों में सुरक्षित नहीं हैं। वे कहां सुरक्षित रहेंगी? महिलाओं की सुरक्षा के बारे में बेकार की बातें करना बंद करें।
उन्होंने सवाल किया कि इस देश में महिलाएं कब सुरक्षित रही हैं? बेटों पर कोई बात क्यों नहीं करता है। सारी रोकटोक और बातें बेटियों पर ही क्यों आती हैं? पप्पू यादव ने कहा कि बेटियों के लिए देश में कोई कानून ही नहीं है।
इसी बीच, सांसद ने राजनीतिक दलों के नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, नेताओं की बात छोड़ देनी चाहिए, क्योंकि जिंदगी में 'शराब, शबाब और अय्याशी' के अलावा कुछ नहीं है। बाकी जात-पात और हिंदू-मियां के मुद्दे होते हैं। इन चार चीजों के अलावा नेताओं की डिक्शनरी में कुछ नहीं है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति पर पप्पू यादव ने कहा, दवाइयां उपलब्ध नहीं थीं और कम्युनिटी किचन बहुत कम संख्या में खोले गए थे। मुझे मंगलवार को कम से कम 20,000 गरीब परिवारों को 500-500 रुपए देने पड़े और उनकी मदद करनी पड़ी।
सांसद ने कहा,मेरा सवाल है कि 2024 में बगहा में तटबंध क्यों टूटा और अब यह फिर क्यों टूट गया ? इसके लिए कौन जिम्मेदार है ? सिंचाई मंत्री को बर्खास्त करें। या तो उन्हें बर्खास्त करें या उनसे इस्तीफा मांगें। आप (मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी) आज बेतिया जा रहे हैं, तो जाने से पहले मंत्री को बर्खास्त करें या उनका इस्तीफा साथ ले जाएं।