पटना : पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के कुछ दिन बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने सरकारी आवास से मंत्रिमंडल सचिवालय कार्यालय तक पैदल गए।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारी लोक सेवक आवास (मुख्यमंत्री आवास) से मंत्रिमंडल सचिवालय कार्यालय तक पैदल गए।
प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने और गैर-जरूरी खर्चों में कटौती की अपील के बाद बिहार सरकार ने हाल में कई कदम उठाए हैं जिनमें सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाना और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए वाहनों के नियमित उपयोग में कटौती करना शामिल हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या भी कम कर दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट की तुलना वैश्विक कोविड महामारी से करते हुए ईंधन बचत की अपील किए जाने के कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि वह अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा रहे हैं और मंत्रियों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों से भी ऐसा करने की अपेक्षा करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा था, प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल के उपयोग को कम करने का आह्वान किया है। इसके अनुरूप कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या कम करना भी शामिल है।
यात्रा की आवश्यकता कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों को ऑनलाइन माध्यम से बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है, जबकि कार्यालयों को जहां संभव हो घर से काम करने की व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है।
उन्होंने लोगों से भी स्वेच्छा से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की। एक अन्य कदम के तहत मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकारी कार्यालयों की कैंटीन में पाम तेल के उपयोग को न्यूनतम करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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