आय से अधिक संपत्ति का आरोप 
बिहार

शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के तीन ठिकानों पर EOU की छापेमारी

EOU की टीम ने तड़के की कार्रवाई में विभागीय दस्तावेज और संदेदनशील फाइलें खंगालीं

पटना : बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार सुबह बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन (BBOSE) के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना और बेगूसराय स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई विशेष निगरानी अदालत से सर्च वारंट मिलने के बाद की गई। EOU के अनुसार, अजय कुमार सिंह के खिलाफ 19 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच में करीब 3 करोड़ 43 लाख 78 हजार 300 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 90.04 प्रतिशत अधिक बताई गई है। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 में वर्ष 2018 में किए गए संशोधन के तहत धारा 13(2) और धारा 13(1)(बी) में दर्ज किया गया है। डीएसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में EOU की तीन टीमों ने गुरुवार सुबह एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया।

EOU की पहली टीम ने पटना के खजपुरा स्थित आकाशवाणी रोड पर बी.वी. कॉलेज के पास चंद्रतारा भवन में तलाशी ली। दूसरी टीम ने मीठापुर स्थित बीबीओएसई कार्यालय में अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष की तलाशी ली। तीसरी टीम ने बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के परोरा गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर छापेमारी की। अधिकारी दस्तावेजों, संपत्ति से संबंधित कागजात और अन्य महत्वपूर्ण सामान की जांच कर रहे हैं। ईओयू ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है।

कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों, संपत्ति और अन्य सामान के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों को लेकर ईओयू की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। इससे पहले 14 अगस्त को EOU ने सड़क निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता संजय कुमार से जुड़े ठिकानों पर भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक साथ छापेमारी की थी। ईओयू को सूचना मिली थी कि उन्होंने अपने पद का कथित दुरुपयोग करते हुए अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

इसके बाद बिहार शरीफ और नालंदा जिले के अन्य स्थानों सहित तीन ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था। EOU की ताजा कार्रवाई को सरकारी पद पर रहते हुए कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामलों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक और कड़ी माना जा रहा है।

SCROLL FOR NEXT