सम्राट चौधरी 
बिहार

CM सम्राट का दावा : ‘डबल-इंजन’ से रफ्तार पकड़ेगा बिहार

बिहार में किसानों की समृद्धि और जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय तथा ‘डबल-इंजन’ सहयोग बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन क्षेत्रों में तेजी से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह बात कही।

बैठक में किसानों की समृद्धि, ग्रामीण आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार के विकास के लिए लंबित राशि जारी की गई है, जिसके लिए राज्य सरकार आभार व्यक्त करती है। उन्होंने बताया कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत लंबित सभी भुगतानों को केंद्र सरकार के सहयोग से 30 जून से पहले पूरा करने पर सहमति बनी है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी ‘VGRAMG’ योजना आगामी एक जुलाई से पूरे राज्य में लागू कर दी जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में एक करोड़ 4 लाख लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 60 लाख पात्र पाए गए हैं। उन्होंने इन पात्र परिवारों को शीघ्र पक्का आवास उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘जीविका दीदी’ को ‘लखपति दीदी’ बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के क्रियान्वयन में बिहार देश में पहले स्थान पर है और इस दिशा में प्रयासों को और गति दी जाएगी।

कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्याज, टमाटर और आम जैसे कृषि उत्पादों के लिए ‘आदर्श केंद्र’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य के फलों और अन्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, बिहार कृषि रोडमैप लागू करने वाला देश का पहला राज्य रहा है। इस उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए अब एकीकृत खेती पर विशेष जोर दिया जाएगा। बिहार को इस क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण और विभिन्न वाटरशेड परियोजनाओं को भी तेज गति से लागू करने की बात कही।

बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री की बातों से सहमति जताते हुए आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बिहार को हरसंभव सहयोग देती रहेगी।

बैठक में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार तथा राज्य और केंद्र सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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