बिहार

लुभावने वादों ने NDA को जिताया, महिला वोटरों ने निभाई अहम भूमिका : जनसुराज

‘हम चुनाव परिणाम से निराश हैं, लेकिन दुखी नहीं। भले ही हम एक भी सीट नहीं जीत सके, लेकिन हम सत्तारूढ़ राजग का विरोध जारी रखेंगे।’

पटना : चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी करारी हार पर शनिवार को निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के खातों में नगद हस्तांतरण ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

जनसुराज का नहीं खुला खाता

प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी। पार्टी द्वारा बेरोजगारी, पलायन और राज्य में उद्योगों की कमी जैसे मुद्दों को उठाते हुए जोरदार प्रचार करने के बावजूद वह मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में असफल रही।

परिणाम से निराश हैं, लेकिन दुखी नहीं

जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘हम चुनाव परिणाम से निराश हैं, लेकिन दुखी नहीं। भले ही हम एक भी सीट नहीं जीत सके, लेकिन हम सत्तारूढ़ राजग का विरोध जारी रखेंगे।’ उन्होंने कहा कि पार्टी बिहार में मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा, ‘जनादेश यह भी दिखाता है कि लोग राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की वापसी नहीं चाहते थे।’

सिंह ने दावा किया कि बिहार की राजग सरकार द्वारा महिलाओं के खातों में 40,000 करोड़ रुपये के नगद हस्तांतरण ने गठबंधन की जीत में ‘महत्वपूर्ण भूमिका’ निभायी। वह बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का जिक्र कर रहे थे, जिसके तहत राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में 10,000-10,000 रुपये भेजे गए थे। उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह चुनाव से पहले लोगों को रिश्वत देने का सरकार का प्रयास था। वोट खरीदे गए। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी नगद लाभ हस्तांतरित किए गए।’

जन सुराज नेता सिंह ने कहा, ‘अब हम यह देखने की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि सरकार शेष 2 लाख रुपये महिलाओं के खातों में कैसे हस्तांतरित करेगी।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार चुनाव में राजग को 50 प्रतिशत वोट भी नहीं मिले। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रशांत किशोर राजनीति में सक्रिय रहेंगे, क्योंकि जनता दल (यूनाइटेड) ने 25 से अधिक सीट जीत ली हैं, सिंह ने कहा, ‘यह सवाल आपको किशोर से ही पूछना चाहिए।’

किशोर पहले कहा था कि यदि नीतीश कुमार की जद (यू) 25 से अधिक सीट जीतती है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। जदयू ने विधानसभा चुनाव में 85 सीट पर जीत दर्ज की। राजग ने शुक्रवार को बिहार में महागठबंधन को करारी शिकस्त देकर न केवल राज्य में सत्ता बरकरार रखी। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में राजग गठबंधन ने 202 सीट पर जीत हासिल की।

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