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बंगाल

बंगाल में औद्योगिक भूमि आवंटन को कैबिनेट की 'हरी झंडी'

200 एकड़ भूमि और 1600 मेगावाट बिजली प्लांट को मंजूरी

Badrinath Shaw

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: हाल ही में संपन्न उद्योग सम्मेलन के बाद राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को तेज करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिपरिषद ने बिजली उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, आवास और डेयरी समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए 200 एकड़ से अधिक भूमि के उपयोग को मंजूरी दी है। इन फैसलों की घोषणा बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में की।

1,600 मेगावाट की थर्मल पावर परियोजना

राज्य की बढ़ती बिजली जरूरतों को देखते हुए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर 1,600 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना को मंजूरी दी गई है। JSW एनर्जी लिमिटेड दो 800-800 मेगावाट की इकाइयों के साथ यह संयंत्र स्थापित करेगी। परियोजना की रियायत अवधि 25 वर्ष तय की गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।

लॉजिस्टिक्स हब में 500 करोड़ रुपये का निवेश

लॉजिस्टिक्स और वेयर-हाउसिंग क्षेत्र में भी बड़ा निवेश प्रस्ताव मंजूर हुआ है। राज्य सरकार ने नाहर इंडस्ट्रियल एंटरप्राइजेज लिमिटेड को सिंगुर में 11.35 एकड़ भूमि आवंटित की है। नाहर समूह यहां लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश कर अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए वेयरहाउसिंग हब विकसित करेगा। सिंगुर, जो कभी टाटा मोटर्स के बाहर निकलने के कारण चर्चा में था, अब फिर से औद्योगिक निवेश के नक्शे पर लौटता दिख रहा है।

औद्योगिक पार्कों को भूमि आवंटन

इसके अलावा पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (WBIDC) के अधीन विभिन्न औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है। विद्यासागर इंडस्ट्रियल पार्क में 30.42 एकड़, जंगलसुंदरी कर्मनगरी में 155 एकड़, हरिनघाटा में 2.77 एकड़ और पानागढ़ इंडस्ट्रियल पार्क में 1.37 एकड़ भूमि दी गई है। हावड़ा के अंकुरहाटी में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के दूसरे चरण के लिए 0.5 एकड़ भूमि और डोमजूड़ में कार्यालय उपयोग को भी स्वीकृति मिली है।

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