बंगाल

EVM पर उम्मीदवारों की तस्वीरें पहली बार

इस बार चुनाव आयोग ने एक अहम फैसला लिया है कि EVM में उम्मीदवारों की तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे वोटरों को अधिक स्पष्टता और पारदर्शिता मिलेगी।

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियों को गति दे दी है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को कोलकाता में एक उच्च-स्तरीय कार्यशाला आयोजित की, जिसमें EVM की फर्स्ट-लेवल चेकिंग (FLC) और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस कार्यशाला में भारतीय चुनाव आयोग के उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती की अगुवाई में 24 डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और चीफ इलेक्शन ऑफिसर के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

इस बार चुनाव आयोग ने एक अहम फैसला लिया है कि EVM में उम्मीदवारों की तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे वोटरों को अधिक स्पष्टता और पारदर्शिता मिलेगी। इसके अलावा, मतदान केंद्रों की संख्या में भी 15,000 का इजाफा किया जाएगा, जिससे कुल बूथों की संख्या 95,000 तक पहुंच जाएगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि EVM और VVPAT की टेस्टिंग प्रक्रिया को आगामी चुनावों से पहले कई बार दोहराया जाएगा, ताकि चुनावी प्रक्रिया न केवल निष्पक्ष और पारदर्शी हो, बल्कि यह पूरी तरह से विश्वसनीय भी बने।

EVM, VVPAT की टेस्टिंग और प्रशिक्षण

चुनाव आयोग ने EVM, बैलेट यूनिट (BU), कंट्रोल यूनिट (CU) और VVPAT मशीनों की फिजिकल टेस्टिंग पर विशेष ध्यान दिया। कार्यशाला में इन मशीनों की कार्यक्षमता, खराब मशीनों का प्रबंधन और स्ट्रॉन्ग रूम में भंडारण प्रोटोकॉल पर भी गहन चर्चा की गई।

SIR प्रक्रिया पर राजनीतिक विवाद

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर राजनीतिक विवाद उठ खड़ा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे मतदाताओं के अधिकारों का उल्लंघन करार दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने TMC पर चुनाव अधिकारियों पर हमला करने और चुनावों को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। इससे आगामी चुनावों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

SCROLL FOR NEXT