रहना हो अपार्टमेंट में तो...तौर तरीके सीख लें

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रहना हो अपार्टमेंट में तो...तौर तरीके भी सीख लेंAI
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एक समय था जब परिवार के सभी लोग एक छत के नीचे खुशी खुशी रहते थे। उनके दुःख सुख एक होते थे। ज्यों ज्यों संयुक्त परिवार टूटकर एकल परिवार में बंटते गए तो समस्याएं भी उसी हिसाब से बढ़ती गई। अब एक छत के नीचे इतने परिवारों का रहना मुश्किल होता चला गया। आधुनिक युग की देन महानगरीय जीवन शैली में लोगों के लिए लिविंग स्पेस की कमी होती जा रही है।

इस कमी को पूरा करने के लिए महानगरों में अपार्टमेंट्स या फ्लैट्स बनते जा रहे हैं। इन अपार्टमेंट्स में रहने के तौर तरीके आम तौर तरीकों से एकदम हटकर हैं तो ध्यान दीजिए कुछ विशेष बातों पर ताकि आप सबसे पीछे या पिछड़े बन कर न रह सकें।

  • अपार्टमेन्ट्स में रहने वाले पड़ोसियों के निजी जीवन में ताक झांक न करें।

  • अपार्टमेंट या सोसायटी के मुख्य त्योहारों व कार्यक्रमों में हिस्सा जरूर लें।

  • पड़ोस में कभी पानी, बिजली की कोई समस्या होने पर उसका सहयोग करें।

  • पड़ोसियों से खिंचे खिंचे न रहें। उनका सम्मान करें, उनकी भावनाओं की कद्र करें और

    उनकी प्राइवेसी का भी सम्मान करें।

  • अपनी सुरक्षा के साथ साथ पड़ोसी की सुरक्षा में भी सतर्कता बरतें।

  • यदि आप पालतू जानवर पालने के शौकीन हैं तो अपने पैट्स को संभालकर रखें ताकि

    साथ में रहने वाले फ्लैट्स में किसी को परेशानी न हो।

  • सोसायटी और अपार्टमेंट के बने नियमों में सहयोग दें। उन्हें तोड़े नहीं।

  • अगर आपके पड़ोस वाले फ्लैट में बूढ़े लोग हैं या कोई अकेले रहता हो तो उसका

    ध्यान रखते रहें। वक्त बेवक्त उनको आवश्यकता पड़ने पर सहयोग दें।

  • फ्लैट्स पास पास या ऊपर नीचे होने के चक्कर में घर के शोर दूसरे की परेशानी का

    कारण न बनें, इसका विशेष ध्यान रखें। संगीत सुनते समय व टी.वी. देखते समय

    आवाज़ धीमी रखें।

  • फ्लैट्स में रहने वाले लोगों से जब भी मिलें, मुस्कुरा कर मिलें।

  • सोसायटी की साझी संपत्ति का पूरा ध्यान रखें जैसे लॉन, सीढ़ियां, छत आदि की

    मेंटेनेंस आदि का विशेष ध्यान रखें।

  • घर पर आए मेहमानों को सोसायटी के नियम तोड़ने में सहयोग न दें। उन्हें अच्छी

    तरह से वहां के नियमों से अवगत करवा दें ताकि आपको शर्मिन्दगी न उठानी पड़

    जाए।

  • विशेष मौकों पर आयोजित सांस्कृतिक प्रोग्रामों में हिस्सा लें। यदि आप हिस्सा नहीं ले

    रहे तो प्रोग्राम में उपस्थित अवश्य रहें।

  • पड़ोसी पर अपना धर्म, संस्कृति न थोपें, न ही उनके धर्म संस्कृति की उपेक्षा करें।

  • सोसायटी में पड़ोस में रहने वालों के दुःख सुख बांटें और उनमें शामिल होने के लिए

    समय निकालें।

  • सोसायटी की वेलफेयर हेतु आप भी अपना सहयोग दें।

  • सोसायटी के मुख्य दरवाजे पर मौजूद सुरक्षा कर्मी की अनदेखी न करें।

  • जब भी दो चार दिन हेतु बाहर जाना हो या रात को देरी से आना हो, मुख्य दरवाजे के सुरक्षाकर्मी को सूचित करके जाएं। नीतू गुप्ता(उर्वशी)

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