राखी

कविता
Poem
राखीAI Generated Image
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फौजी रहते देश की रक्षा में तत्पर,

राखी भेजूंगी भाई तेरे लिए सीमा पर।

कड़ी धूप बारिश में रहकर करते काम,

बहन की राखी किसान भाई के नाम।

कोई परेशानी आने पर साथ होगा,

खाकी वर्दी में भाई समान पुलिस दारोगा।

सुनसान सड़कों पर मुझे दिया था सहारा,

सगा नहीं पर , रक्षक भाई हैं हमारा।

कुछ रिश्ता होता खून से बढ़कर,

कुछ होता अपना औरों से हटकर।

राखी का धागा बंधा होता जहां कसकर,

वो प्यार और स्नेह लुटाता जमकर।

Poetess
मीतू जैन
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