

बेलगावी : कांग्रेस विधायक भरमगौड़ा (राजू) कागे ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उत्तर कर्नाटक के 15 जिलों को मिलाकर अलग राज्य बनाने की मांग की और आरोप लगाया है कि इस हिस्से के साथ हर क्षेत्र में अन्याय, भेदभाव और उपेक्षा की गई है।
उत्तर कर्नाटक के लोगों की दशकों पुरानी मांग को दोहराते हुए कागे ने कहा कि वह अलग राज्य के लिए उत्तर कर्नाटक संघर्ष समिति द्वारा शुरू किए गए हस्ताक्षर अभियान का समर्थन करते हैं।
15 जिलों के साथ नए राज्य की मांग
कागे ने मुर्मू, प्रधानमंत्री मोदी और कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को लिखे पत्र में कहा, ‘मैं प्रशासनिक सुविधा और समग्र विकास के लिए उत्तर कर्नाटक के 15 जिलों - बीदर, कलबुर्गी, विजयपुरा, यादगीर, बागलकोट, बेलगावी, धारवाड़, गडग, कोप्पल, रायचूर, उत्तर कन्नड़, हावेरी, विजयनगर, बल्लारी और दावणगेरे को मिलाकर एक नए राज्य के निर्माण की अपनी मांग रखना चाहता हूं।’
क्षेत्र के लोग भेदभाव से पीड़ित
कागे के अनुसार, कर्नाटक के एकीकरण के बाद से, इस हिस्से को हर क्षेत्र में लगातार अन्याय, भेदभाव और उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, ‘अलग राज्य बनने से एक और गौरवशाली कन्नड़ भाषी राज्य बनेगा, जो हमारे लिए सम्मान की बात होगी। उत्तरी कर्नाटक हर तरह के संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र है और इसने कन्नड़ भाषा के संरक्षण और कर्नाटक के एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।’
1 करोड़ से अधिक लोगों की सहमति
उत्तर कर्नाटक संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर अभियान को समर्थन देते हुए कागे ने कहा कि एक करोड़ से अधिक लोग पहले ही लिखित सहमति दे चुके हैं और इस मांग के पक्ष में हस्ताक्षर कर चुके हैं।
विधायक ने कहा, ‘इस क्षेत्र के सभी वर्गों के लोग अपने समग्र और समावेशी विकास के लिए एक अलग राज्य की मांग कर रहे हैं। इसलिए, मैं आपसे विनम्र निवेदन करता हूं कि कृपया हमारी अपील पर विचार करें और केंद्र सरकार से एक अलग उत्तर कर्नाटक राज्य के गठन की सिफारिश करें।’ उन्होंने यह भी बताया कि इस साल तीन जनवरी को राष्ट्रपति और पांच जनवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपा गया था।
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