

चंदौली : समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद वीरेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरा उम्मीदवार उतारेगी। सपा के इस ऐलान से 10 सीट के लिए होने वाले चुनाव में मुकाबले की स्थिति बन गई है।
चंदौली के सांसद ने दिल्ली से फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि तीसरे उम्मीदवार के नाम का फैसला शुक्रवार को किया जाएगा और पांच अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इन चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि छह अक्टूबर है।
सपा ने 30 सितंबर को पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के अध्यक्ष धनराज परिमल नाथवानी को चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था। बाद में दोनों ने लखनऊ में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
तीसरे सपा उम्मीदवार के मैदान में उतरने के बाद मुकाबले की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई विधायक 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं और वे उनकी पार्टी के संपर्क में हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा उसी रणनीति का इस्तेमाल करेगी, जिसका इस्तेमाल भाजपा ने पिछले राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए किया था।
सिंह ने कहा, हम अपने तीनों उम्मीदवारों को उसी तरीके से जिताएंगे, जैसे भाजपा ने पिछले राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों को जिताया था। सपा सांसद ने भरोसा जताया कि पार्टी का तीसरा उम्मीदवार चुनाव जीतेगा।
भाजपा नीत गठबंधन के पास फिलहाल सात सीट आसानी से जीतने के लिए जरूरी संख्या बल है, जबकि मौजूदा विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार, सपा के पास कांग्रेस के समर्थन से दो सीट जीतने की ताकत है। सपा के तीसरे उम्मीदवार के उतरने से शेष बची सीट के लिए मुकाबला अतिरिक्त वोट और ‘क्रॉस-वोटिंग’ पर निर्भर हो जाएगा।
सपा का यह कदम पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया था कि पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारेगी या नहीं। अखिलेश ने कहा था कि भाजपा ‘‘नौ या 10 उम्मीदवार भी उतार सकती है।
उत्तर प्रदेश में 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उन सभी आठ सीट पर जीत दर्ज की थी जिस पर उसने उम्मीदवार घोषित किए थे, जबकि सपा के तीन में से दो उम्मीदवार जीते थे और उसके तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन हार गए थे।