आपदा प्रबंधन में पहल, सिविल डिफेंस के साथ रेडियो क्लब का करार

नेटवर्क ठप होने पर हैम रेडियो से होगा संपर्क, राहत-बचाव में बढ़ेगा समन्वय
Disaster Management: West Bengal Radio Club Signs MoU With Civil Defence
सिविल डिफेंस के साथ रेडियो क्लब का हुआ करार
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : प्राकृतिक आपदा के दौरान संचार व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब (VU2WB) ने पश्चिम बंगाल सरकार के आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के अधीन सिविल डिफेंस के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। क्लब के अनुसार, देश में इस तरह का यह पहला समझौता है। इसका उद्देश्य आपातकाल में संचार व्यवस्था मजबूत करने और राहत-बचाव कार्यों में विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को बढ़ाना है।चक्रवात, बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं में मोबाइल नेटवर्क और अन्य संचार माध्यम बाधित होने पर हैम रेडियो अहम भूमिका निभा सकता है। समझौते के तहत लाइसेंस प्राप्त हैम रेडियो ऑपरेटर सिविल डिफेंस के साथ मिलकर आपातकालीन संपर्क स्थापित करने, सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा राहत और बचाव अभियानों में सहयोग करेंगे। उत्तर और दक्षिण 24 परगना के कई सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को इंडियन एकेडमी ऑफ कम्युनिकेशन एंड डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से हैम रेडियो का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें सरकारी लाइसेंस परीक्षा में शामिल होने में भी सहायता दी गई है। आगे स्वयंसेवकों और रेडियो ऑपरेटरों के बीच नियमित संयुक्त अभ्यास कराया जाएगा।

24 परगना के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण

आपदा प्रभावित इलाकों में अस्थायी रेडियो केंद्र स्थापित करने का प्रशिक्षण भी योजना का हिस्सा है। वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब के अध्यक्ष सुबीर दत्त ने कहा कि विभिन्न बचाव एजेंसियों की अलग-अलग रेडियो संचार प्रणालियों के बीच समन्वय स्थापित करने में लाइसेंस प्राप्त हैम रेडियो ऑपरेटर उपयोगी साबित हो सकते हैं। क्लब के सचिव अंबरीष नाग विश्वास ने कहा कि शौकिया रेडियो अब आपदा के समय जीवनरक्षक संचार माध्यम के रूप में अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है। कोलकाता में हुए समझौता हस्ताक्षर समारोह में सिविल डिफेंस के निदेशक संजय सिंह, आईपीएस, आईजीपी एवं सिविल डिफेंस के नियंत्रक देवाशीष सरकार, आईपीएस तथा रेडियो क्लब की कार्यकारिणी समिति के सदस्य मौजूद थे। इस पहल से आपदा के दौरान त्वरित संचार व्यवस्था विकसित करने और राहत-बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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