‘परख’ से परखी जाएगी शिक्षा में सुधार की गुणवत्ता

कौशल आधारित शिक्षा पर जोर, शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
'परख सेल' में मंत्री दीपक बर्मन और अन्य गणमान्य व्यक्ति
'परख सेल' में मंत्री दीपक बर्मन और अन्य गणमान्य व्यक्ति
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कोलकाता : शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में एक और कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को तैयार करने के लिए सोमवार को ‘परख’ नामक पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू की गयी। विद्यासागर भवन के ऑडिटोरियम में स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने इसका उद्घाटन किया।

सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एनसीईआरटी के अधीन ‘परख’ एक मूल्यांकन-आधारित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को रटने पर आधारित पढ़ाई के बजाय कौशल-आधारित शिक्षा की नयी पद्धति से परिचित कराना है। कार्यशाला में प्रश्नपत्रों और विद्यार्थियों के समग्र रिपोर्ट कार्ड में प्रस्तावित बदलावों की जानकारी भी दी जायेगी।

मंत्री ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार किये जाने वाले रिपोर्ट कार्ड में कई बदलाव किये गये हैं। शिक्षकों को इसके विभिन्न मानकों की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं और जिज्ञासाओं के समाधान के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि भविष्य में राज्य के सभी स्कूलों में इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया जायेगा, ताकि ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा पहुंचायी जा सके। माध्यमिक और उच्च-माध्यमिक परीक्षाओं में इस बार से बदलाव होगा या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ललित कला पर भी विशेष जोर दिया जायेगा। प्रशिक्षण के बाद चरणबद्ध तरीके से नयी शिक्षा पद्धति लागू की जायेगी।

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