B.ED कॉलेजों में ‘डिग्री का खेल’! 450 से अधिक को शो-कॉज

602 कॉलेजों की जांच में खुली पोल, 53 कॉलेज ‘गायब’, 265 चलने लायक नहीं
उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बीएड कॉलेजों में शिक्षा के नाम पर कथित अराजकता और ‘डिग्री कारोबार’ को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने गुरुवार को दावा किया कि निजी बीएड कॉलेजों की जांच में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर तस्वीर सामने आयी है। करीब 450 से 500 कॉलेजों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।

मंत्री के अनुसार, पड़ोसी राज्य के मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि पश्चिम बंगाल के संस्थानों से बिना नियमित पढ़ाई के पैसे देकर डिग्री हासिल की जा रही है। इसके बाद जुलाई-अगस्त में 602 निजी बीएड कॉलेजों का व्यापक निरीक्षण कराया गया। 100 अंकों के पैमाने पर बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की मौजूदगी, पढ़ाई और प्रशिक्षण की गुणवत्ता की जांच की गयी। कॉलेजों का औसत स्कोर महज 51.5% रहा।

निरीक्षण में 53 कॉलेज निर्धारित पते पर नहीं मिले। 114 कॉलेजों को 30 से कम अंक मिले, जबकि 121 संस्थानों की आधारभूत संरचना बेहद खराब पायी गयी। मंत्री ने बताया कि कुल 265 कॉलेज ऐसे मिले, जो चलने की स्थिति में नहीं हैं और उन्हें किसी भी समय बंद किया जा सकता है। वहीं, 151 कॉलेजों को सही ढंग से संचालित पाया गया।

मंत्री ने कहा कि राज्य में हर वर्ष करीब 62 हजार बीएड छात्र उत्तीर्ण होते हैं। गोवा, पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों के बिना नियमित कक्षाओं में शामिल हुए डिग्री हासिल करने पर भी सवाल उठे हैं। शो-कॉज वाले कॉलेजों को 21 दिनों में जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबद्धता रद्द करने और दाखिला बंद करने जैसी कार्रवाई की जायेगी।

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