राज्य में इस शैक्षणिक वर्ष में शुरू होंगे 800 स्मार्ट स्कूल : मुख्यमंत्री

स्मार्ट अध्ययन के लिए मोबाइल की जगह मिलेंगे एडुकेशनल टैब
CM Announces 800 Smart Schools and Educational Tabs for Students in Bengal
हावड़ा में कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम शुभेंदु अधिकारी
Published on: 

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : राज्य में शिक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाने और छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से चालू शैक्षणिक वर्ष में 800 स्मार्ट स्कूल शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को हावड़ा स्थित एक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि 600 स्मार्ट स्कूलों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 200 अतिरिक्त स्कूलों को इस परियोजना में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। इन स्मार्ट स्कूलों में आधुनिक भवनों, खेल के मैदान, समृद्ध पुस्तकालय, आधुनिक प्रयोगशालाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, राज्य मंत्री उमेश राय, विधायक संजय सिंह, विधायक रुद्रनील घोष, हावड़ा जिला अधिकारी पी. दीपाप प्रिया, हावड़ा पुलिस कमिश्नर अखिलेश चतुर्वेदी, हावड़ा नगर निगम आयुक्त तेजस्वी राणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार की नजरों में राज्य के सभी वर्ग समान हैं और विकास का लाभ बिना किसी भेद-भाव के हर नागरिक तक पहुंचाया जा रहा है।

छात्राओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता होगी दोगुनी

वर्ष 2026-27 के दौरान ‘सारथी’ योजना के अंतर्गत 12.59 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त साइकिल प्रदान की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना से राज्य के 8,228 स्कूल, 334 ब्लॉक तथा 125 नगरपालिकाएं व नगर निगम जुड़े हैं। सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए भारी बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने इस दिन छात्राओं को मिलने वाली 1,000 रुपये की वार्षिक आर्थिक सहायता राशि को वर्ष 2027 से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का ऐलान भी किया। स्कूली विद्यार्थियों में मोबाइल फोन के बढ़ते प्रयोग पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्कूलों में इसके इस्तेमाल के सख्त खिलाफ हैं। छात्रों को तकनीक से जोड़े रखने और पढ़ाई को सुगम बनाने के लिए मोबाइल के स्थान पर 'एडुकेशनल टैब' उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस योजना को आगामी 4 महीनों के भीतर लागू करने की रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी, जिससे सरकारी खजाने पर भी अधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in