Asian Games : महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद गोल्ड जीता

हॉकी इंडिया ने स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 11-11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ के लिए 5.5-5.5 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की।
Asian Games : महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद गोल्ड जीता
Published on: 

काकामिगाहारा : दसवें मिनट में लालरेम्सियामी के गोल और पेनल्टी स्ट्रोक पर गोलकीपर सविता पूनिया के शानदार बचाव के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी कटाया। जीत का श्रेय भारतीय डिफेंस को जाता है जिसने चीन के लगातार हमलों के बावजूद संयम नहीं खोया और एक गोल की बढत अंत तक बनाये रखी। लालरेम्सियामी ने दसवें मिनट में ही भारत को बढत दिला दी और 24वें मिनट में भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी सविता ने पेनल्टी स्ट्रोक पर चीन को गोल करने से रोका। इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था जब पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया था।

टीम बसों के ट्रैफिक में फंसने के कारण मैच एक घंटा देर से शुरू हुआ। मैच शुरू होने के बाद भारतीय टीम ने शुरू से ही आक्रामक रूख अपनाया। पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप में भारत ने अपने पहले ही ग्रुप मैच में चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका था। दसवें मिनट मे गोल के पास साक्षी राणा से गेंद लेकर लालरेम्सियामी ने रिवर्स स्टिक से गोल के ऊपरी हिस्से में गेंद डाल दी और चीनी गोलकीपर के पास संभलने का भी मौका नहीं था। लालरेम्सियामी का यह 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच था जिसे उन्होंने यादगार बना दिया। भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर 13वें मिनट में मिला लेकिन नवनीत कौर की स्लैप हिट बाहर से निकल गई। चीन को पहला पेनल्टी कॉर्नर 18वें मिनट में मिला लेकिन भारत ने वैरिएशन को बखूबी भांपकर उसे नाकाम कर दिया।

लालरेम्सियामी की गलती पर चीन को 24वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला लेकिन सविता ने अपने बायीं ओर डाइव लगाकर जबर्दस्त बचाव किया। इस क्वार्टर के आखिरी मिनटों में भारतीय डिफेंस ने चीन के लगातार हमलों को नाकाम किया। इशिका चौधरी, बलजीत कौर ओर सुशीला चानू ने चीन को खुलकर खेलने नहीं दिया। गोलकीपर सविता और बिछू देवी ने विश्व कप वाली लय को कायम रखते हुए उनका पूरा साथ दिया। चीन को रजत पदक मिला जबकि जापान ने शूटआउट में कोरिया को हराकर कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाने की नाकामी को भुलाते हुए भारत ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक का सीधे टिकट कटाया।

हॉकी इंडिया ने स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी के लिए 11-11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ के लिए 5.5-5.5 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। हॉकी इंडिया ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा कि एशियाई खेलों गत चैम्पियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को 11-11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को भी साढ़े पांच लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in