

गेजिंग : लोकसभा सांसद इंद्र हांग सुब्बा ने बुधवार को रिंबी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया तथा प्रभावित लोगों के लिए चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।
सांसद के साथ भू-राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आयुक्त-सह-सचिव एम.टी. शेरपा, खान एवं भूविज्ञान विभाग के प्रधान निदेशक फिगु छिरिंग भूटिया, सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक प्रभाकर राई, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के निदेशक प्रशांत टी. इलामकर तथा गेजिंग के जिला कलेक्टर-तथा-जिलाधिकारी तेनजिंग डी. डेनजोंगपा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
टीम ने सबसे पहले रिंबी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर नुकसान की स्थिति का आकलन किया। इस दौरान प्रभावित भूमि, नुकसान की सीमा तथा प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए आवश्यक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला कलेक्टर ने जिला प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत एवं पुनर्वास प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने राहत शिविरों की स्थापना तथा प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास केंद्रों के निर्माण की प्रगति से भी अधिकारियों को अवगत कराया।
निरीक्षण के बाद सांसद प्रभावित क्षेत्र से रवाना हुए, जबकि भू-राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आयुक्त-सह-सचिव, जिला कलेक्टर तथा अन्य अधिकारी राहत शिविर और निर्माणाधीन पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे।
राहत शिविर में टीम ने उपलब्ध व्यवस्थाओं की समीक्षा की और प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं पर चर्चा की। इस दौरान भू-राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने राहत शिविर में राहत सामग्री भी वितरित की।
इसके बाद टीम ने निर्माणाधीन पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को केंद्र के निर्माण कार्य तथा यहां प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी दी।
बैठक के दौरान प्रभावित आबादी के स्थायी पुनर्वास पर विशेष जोर दिया गया। प्रभावित भूमि का क्षेत्रफल, पुनर्वास की आवश्यकता वाले परिवारों की संख्या और उनके लिए उपयुक्त भूमि की पहचान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रस्तावित पुनर्वास स्थलों की सुरक्षा और उपयुक्तता का विस्तृत आकलन किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया दौरे के अंत में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास कार्य को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय और स्थानीय समुदाय के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।