राजस्थान पुलिस ने 20 साल से फरार 1 हत्यारे को वृंदावन से पकड़ा, 25 हजार का इनाम घोषित था

मुजरिम लगातार भेष बदलकर पुलिस से बचता रहा
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
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जयपुर : राजस्थान पुलिस ने करीब 20 साल से फरार चल रहे हत्या के एक मुजरिम को वृंदावन से पकड़ा है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आजीवन कारावास के इस सजायाफ्ता मुजरिम पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित है। उन्होंने बताया कि पुलिस के एक मुख्य आरक्षी ने साधु का भेष धारण कर अपराधी का पीछा किया और उसे पकड़ लिया।

अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार मुजरिम वरूण सिंह (41) हिंडौन सिटी का रहने वाला है तथा उसे 2005 में हुई शराब कारोबारी नबाब सिंह उर्फ नब्बा सिंह की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था।

न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) करौली ने 19 अक्टूबर 2006 को उसे भादंसं के तहत आजीवन कारावास तथा हथियार कानून के तहत अतिरिक्त सजा सुनायी थी। इस फैसले के विरुद्ध की गई अपीलें राजस्थान उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय, दोनों ने खारिज कर दी थीं। इसके बाद वरूण के विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया, लेकिन वह फरार हो गया था।

वरूण की गिरफ्तारी के लिए 2006 से लगातार विभिन्न विशेष अभियान चलाए गए। कई टीमों का गठन कर राजस्थान एवं अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर तलाश की गई। मथुरा, वृंदावन, जयपुर, जम्मू-कश्मीर सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई लेकिन मुजरिम लगातार भेष बदलकर पुलिस से बचता रहा। उसकी गिरफ्तारी पर समय-समय पर इनाम भी बढ़ाकर 25 हजार रुपये तक घोषित किया गया।

हाल में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत मुख्य आरक्षी जोगेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम को मुजरिम की तलाश में मथुरा-वृंदावन क्षेत्र भेजा गया। यह ऑपरेशन मुखबिर की सूचना के आधार पर शुरू किया गया ।

अधिकारियों के अनुसार जोगेन्द्र सिंह ने साधु का वेष धारण कर कई दिनों तक चाय की थड़ियों, ढाबों और गलियों में गुप्त रूप से निगरानी की। और आखिरकार मुजरिम पकड़ा गया।

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