पितृ पक्ष में सेवा और दान की मिसाल बनी अंतरराष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन की महिला शाखा

कैलाश विद्या मंदिर और शोईसाब फाउंडेशन ऑफ चिल्ड्रेन में जरूरतमंदों को बांटे वस्त्र, खाद्य सामग्री व उपयोगी सामान
Kolkata
अंतरराष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन की महिला शाखा
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कोलकाता : पितृ पक्ष में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनके निमित्त पुण्य अर्जित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन की महिला शाखा ने सेवा एवं सहायता का सराहनीय कार्य किया।

संस्था की ओर से चेतला स्थित कैलाश विद्या मंदिर तथा नाकतला के नेताजी नगर स्थित शोईसाब फाउंडेशन ऑफ चिल्ड्रेन में जरूरतमंदों के लिए वस्त्र, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं भेंट की गईं।

सेवा अभियान के तहत कैलाश विद्या मंदिर में वस्त्र, फुटबॉल और दरी प्रदान की गई। वहीं, शोईसाब फाउंडेशन ऑफ चिल्ड्रेन में वस्त्रों के साथ चावल, दाल, तेल, घी, चीनी, चिड़वा, आटा, केक, बिस्कुट और गैस की भट्टी सहित अनेक आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इस पहल के माध्यम से संस्था ने जरूरतमंदों की सहायता करने और सामाजिक दायित्व निभाने का संदेश दिया।

संस्था की चेयरपर्सन अरुणा बंसल, अध्यक्ष पूनम केडिया, सचिव अलका अग्रवाल और सरला अग्रवाल ने कहा कि पितृ पक्ष में दान, परोपकार और सेवा का विशेष महत्व है। यह समय अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के साथ जरूरतमंदों की मदद कर मानवता के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वहन करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि सेवा और दान की भावना समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और सद्भाव को मजबूत करती है।

इस सेवा कार्य को सफल बनाने में शकुंतला जाजोदिया, जयश्री सराफ, पुष्पा झुनझुनवाला, जानकी बथवाल, सुशीला गनेरीवाल, गीता टिबडेवाल, लक्ष्मी खेरिया, अर्चना गनेरीवाल, नम्रता बजाज, सविता पाटोदिया, सरिता कंदोई और शर्मिला सेठिया ने सक्रिय सहयोग दिया।

अंतरराष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन की महिला शाखा की इस पहल ने पितृ पक्ष के आध्यात्मिक महत्व को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए यह संदेश दिया कि जरूरतमंदों की सहायता करना ही करुणा, परोपकार और मानवीय मूल्यों को व्यवहार में उतारने का सार्थक माध्यम है।

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