काली पूजा से पहले गुड़हल के फूलों की कीमत बढ़ने की आशंका, फूल किसानों की बढ़ी चिंता

मौसम की बेरुखी से इस साल फूलों का उत्पादन और आकार बढ़ा, कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ रहा है बड़ा हिस्सा; 108 फूलों की माला 150 रुपये तक पहुंचने का अनुमान
Kolkata
गुड़हल के फूलों की कीमत बढ़ने की आशंका
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कोलकाता : काली पूजा से पहले बाजार में गुड़हल (जवा) के फूलों की मांग तेजी से बढ़ गई है। मां काली की पूजा में लाल गुड़हल के फूल और 108 फूलों की माला का विशेष महत्व होता है। लेकिन इस बार यही फूल हावड़ा जिले के बागनान के किसानों के लिए चिंता का कारण बन गए हैं।

मौसम में लगातार बदलाव के कारण इस साल गुड़हल के पौधों में असामान्य रूप से अधिक फूल खिले हैं। फूलों का आकार भी सामान्य से बड़ा हुआ है। ऐसे में किसानों के सामने फूलों के संरक्षण और काली पूजा के दिन ताजे फूलों की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

हावड़ा जिले का बागनान फूलों की खेती के लिए जाना जाता है। यहां के ओरफुली, मालंच, हेलेडिप सहित कई गांवों में हजारों किसान हर साल काली पूजा को ध्यान में रखकर गुड़हल की खेती करते हैं। पूजा के मौसम में इस फूल की मांग काफी बढ़ जाती है, इसलिए किसान पूरे साल इस अवसर का इंतजार करते हैं। लेकिन इस बार मौसम के असामान्य व्यवहार ने बाजार का पूरा गणित बदल दिया है।

108 गुड़हल की माला 150 रुपये तक पहुंचने की आशंका, 1,000 फूलों की कीमत 1,200 रुपये

किसानों के मुताबिक, नवंबर तक रुक-रुककर हुई बारिश और तापमान में बढ़ोतरी के कारण पौधों में बड़ी संख्या में फूल खिले हैं। आमतौर पर इस समय ठंड का असर शुरू हो जाता है, लेकिन इस साल अपेक्षित ठंड नहीं पड़ने से फूलों के उत्पादन पर अलग प्रभाव पड़ा है।

एक साथ बड़ी संख्या में फूल खिलने के कारण किसानों को अपनी उपज का बड़ा हिस्सा कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ा है। हालांकि, उन्हें आशंका है कि काली पूजा के दिन ताजे गुड़हल के फूलों की मांग पूरी करना आसान नहीं होगा। कोल्ड स्टोरेज में रखे फूलों के बावजूद ताजे फूलों की अलग मांग रहने के कारण बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं।

किसानों के शुरुआती अनुमान के अनुसार, 108 गुड़हल के फूलों की माला की कीमत कम से कम 150 रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं, 1,000 गुड़हल के फूलों की कीमत करीब 1,200 रुपये होने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक कीमत पूजा के समय बाजार में मांग और आपूर्ति पर निर्भर करेगी।

बागनान के फूल किसानों का कहना है कि काली पूजा के दिन ताजे गुड़हल के फूल और 108 फूलों की माला खरीदने के लिए ग्राहकों को इस बार अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। मौसम में बदलाव के कारण फूलों की संख्या और आकार दोनों में असामान्य परिवर्तन देखने को मिला है।

फूल किसान पूरे साल काली पूजा के मौसम का इंतजार करते हैं। इस दौरान फूलों की बिक्री से होने वाली कमाई से उनके परिवार का खर्च चलता है। इस बार उत्पादन अधिक होने के बावजूद अंतिम समय में कितना मुनाफा होगा, इसे लेकर हम चिंतित हैं।

कुल मिलाकर, इस बार काली पूजा से पहले बागनान के गुड़हल बाजार पर मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। फूलों की अधिक पैदावार के बावजूद उनके संरक्षण और पूजा के दिन ताजे फूलों की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में मां काली को गुड़हल के फूल अर्पित करने वाले श्रद्धालुओं को इस बार अपनी जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है।

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