दीघा से कालीघाट तक सिमटा ममता का रथोत्सव

वीडियो संदेश में दी शुभकामनाएं
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कोलकाता : एक समय रथयात्रा के अवसर पर भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी थामने, इस्कॉन की रथयात्रा में स्वर्ण झाड़ू से सेवा करने और अपने कार्यकाल में दीघा में जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कराने वाली पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रथयात्रा इस बार कालीघाट स्थित उनके आवास तक सीमित रही।

रथयात्रा के अवसर पर गुरुवार को उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "जय जगन्नाथ। पिछले वर्ष इसी दिन मुझे जगन्नाथ धाम जाकर रथ खींचने का सौभाग्य मिला था। इस बार नहीं जा सकी, लेकिन सारी स्मृतियां मन में हैं। मैंने घर पर ही भगवान जगन्नाथ की पूजा की है।"

इसी बीच 150 वर्ष से अधिक पुरानी बलराम बसु घाट की पारंपरिक रथयात्रा हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित उनके आवास के सामने से गुजरी। 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष के बीच वरिष्ठ तृणमूल नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय, उपासना चौधरी तथा अन्य कार्यकर्ताओं ने श्रद्धापूर्वक रथ की रस्सी खींची और भगवान के दर्शन किए।

गुरुवार को भी कालीघाट स्थित आवास पर सादगीपूर्ण वातावरण में रथोत्सव मनाया गया। अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, कुणाल घोष सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने रथ की रस्सी खींची तथा उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद, पापड़ और मिठाइयों का वितरण किया। धार्मिक संदेश के साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से समय रहते हस्तक्षेप करने की अपील भी की।

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