

इंद्रनील सेन के खिलाफ जांच तेज
पर्यटन और सूचना एवं संस्कृति विभाग में वित्तीय अनियमितता का आरोप
घोटाले की रकम और बढ़ने की आशंका,
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: इंद्रनील सेन के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार की जांच में अब तक 150 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का पता चला है। इस मामले में कुल 26 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है। पर्यटन विभाग और सूचना एवं संस्कृति विभाग से जुड़े टेंडरों और वित्तीय लेन-देन की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांचकर्ताओं का अनुमान है कि घोटाले की कुल रकम 150 करोड़ रुपये से भी काफी अधिक हो सकती है।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, ''मासआर्ट'' नामक संस्था के नाम पर ही करीब 50 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए थे। इसके अलावा तीन अन्य कंपनियों के नाम पर भी बड़ी रकम के टेंडर जारी होने की जानकारी मिली है। जांचकर्ताओं का मानना है कि पूरे वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के बाद अनियमितता की वास्तविक रकम सामने आएगी। इसके लिए दस्तावेजों और बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है।
कसबा स्थित आवास पर पहुंची जांच टीम, चंदननगर में भी होगी जांच
इधर, जांच के सिलसिले में अधिकारियों की टीम कसबा स्थित इंद्रनील सेन के आवास पर पहुंची। इंद्रनील भी जांच टीम के साथ मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें साथ लेकर चंदननगर स्थित उनके आवास पर भी जांच के लिए ले जाने की तैयारी है।
बेटी से पूछताछ, पिता पर जिम्मेदारी डालने का दावा
मामले में इंद्रनील की बेटी से भी पूछताछ की गई है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर सारी जिम्मेदारी अपने पिता पर डाल दी। उन्होंने खुद को कठपुतली बताते हुए कहा कि उनके पिता जो निर्देश देते थे, वह उसी के मुताबिक काम करती थीं।
भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई पर विचार
इंद्रनील और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराएं लगाई जाएंगी या नहीं, इस पर लालबाजार ने कानून विभाग से सलाह-मशविरा किया है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
यूनेस्को के जवाब का इंतजार
दूसरी ओर, यूनेस्को की ओर से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। शुक्रवार को दिल्ली स्थित संबंधित कार्यालय को एक बार फिर पत्र भेजकर जवाब देने की याद दिलाई गई है।फिलहाल जांचकर्ताओं का पूरा ध्यान 26 बैंक खातों, चार कंपनियों और विभिन्न विभागों के टेंडरों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल पर है।