झारखंड में SIR की प्रक्रिया का अंतिम चरण शुरू

नोटिस पाने वाले 63 लाख मतदाताओं के घर तक पहुंचेंगे BLO
sir
sir
Published on: 

रांची : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया का अंतिम चरण गुरुवार से शुरू हो गया। अब बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी पात्रता से जुड़े जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे।

राज्य में एसआईआर के दौरान 63.24 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगति, पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं होने या समान जनसांख्यिकीय जानकारी जैसी स्थिति सामने आई है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, बीएलओ घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसके बाद संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लेंगे।

एसआईआर के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो गई। इस दौरान नाम जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता सूची में दर्ज विवरण में सुधार से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन भी प्राप्त हुए हैं।

निर्वाचन मशीनरी अब इन आवेदनों और आपत्तियों के डिजिटाइजेशन, जांच, जरूरत के अनुसार नोटिस जारी करने और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू करेगी। इन सभी मामलों के निपटारे के लिए 14 अक्टूबर तक का समय निर्धारित है।

इसके बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। सीमित समय में बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा अब निर्वाचन विभाग के सामने प्रमुख कार्य है। एक तरफ 63 लाख से अधिक नोटिस से जुड़े दस्तावेजों की जांच करनी है, दूसरी तरफ दावा-आपत्ति अवधि में मिले आवेदनों की भी जांच और सुनवाई करनी है।

बीएलओ और निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों के स्तर पर यह प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी करनी होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, झारखंड ने एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए चुनाव आयोग से 60 दिन का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था। यह अनुरोध अब तक स्वीकार नहीं किया गया है। ऐसे में राज्य में प्रक्रिया मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगी।

निर्वाचन विभाग के कार्यक्रम के मुताबिक, 14 अक्टूबर तक दावों और आपत्तियों का निपटारा पूरा करना है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी और 19 अक्टूबर को उसका प्रकाशन होगा।

अब निर्वाचन मशीनरी का फोकस नोटिस पाने वाले मतदाताओं से दस्तावेज जुटाने, आवेदनों की जांच, आवश्यकतानुसार सुनवाई और अंतिम निर्णय की प्रक्रिया पूरी करने पर है।

sir
700 करोड़ का जीएसटी घोटाला : झारखंड और बंगाल में ईडी की रेड
सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in