ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े सैन्य हमले की तैयारी में अमेरिका

ट्रंप ने कहा : इस संबंध में अंतिम फैसला लेने के बेहद हूं करीब
US preparing for its largest-ever military strike against Iran
डोनाल्ड ट्रंप
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वाशिंटन/इरबिल : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े सैन्य हमले का आदेश देने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में अंतिम फैसला लेने के बेहद करीब हैं। ट्रंप ने कहा कि मैं ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले पर विचार कर रहा हूं। यह पहले हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा होगा। हम पूरी तरह तैयार हैं और मैं जल्द फैसला लेने वाला हूं। ट्रंप ने कहा कि यदि वह चाहें तो इजराइल दो मिनट के भीतर इस अभियान में शामिल हो जाएगा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हमें किसी की जरूरत नहीं है। उनके बयान के कुछ घंटों बाद अमेरिका ने लगातार 13वीं रात ईरान पर हवाई हमले किए। ये हमले दो घंटे से अधिक समय तक चले। वहीं ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, क़ेश्म, बंदर अब्बास, होर्मुज जलडमरूमध्य, उत्तर-पश्चिमी ईरान और राजधानी तेहरान में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि इन हमलों का दायरा हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों जैसा ही बताया गया। ईरान ने शुक्रवार को उत्तरी इराक के इरबिल शहर, जहां अमेरिकी सेना का सैन्य अड्डा मौजूद है, वहां विस्फोटकों से लैस ड्रोन हमला किया। 

 ब्रिटेन ने ईरान की चेतावानी का दिया जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने ब्रिटेन को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि यदि किसी भी ब्रिटिश सैन्य अड्डे का इस्तेमाल अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के लिए किया जाता है, तो वह ईरान की सेना के लिए वैध सैन्य लक्ष्य होगा। ब्रिटेन ने अब तक अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों से केवल रक्षात्मक (डिफेंसिव) अभियान चलाने की अनुमति दी है, जबकि उसने ईरान के खिलाफ आक्रामक (ऑफेंसिव) सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार किया है। ब्रिटिश सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएं हर तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सेनाएं चौबीसों घंटे यूनाइटेड किंगडम की सुरक्षा के लिए तैयार हैं। ब्रिटेन की रॉयल नेवी, ब्रिटिश आर्मी और रॉयल एयर फोर्स अत्याधुनिक वायु एवं मिसाइल रक्षा प्रणालियों से लैस हैं और वे नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।

ईरान में 55 लोगों की मौत

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हाल के हफ्तों में अमेरिकी और इजराइली हमलों में 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 600 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

ईरान ने युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराने की खबर को बताया भ्रामक

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्धविराम को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट पर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने उस खबर को खारिज करते हुए कहा कि ईरान द्वारा नए युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराने संबंधी रिपोर्ट सही नहीं है। दरअसल, एक रिपोर्ट में दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भेजे गए नए युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान ने अस्वीकार कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रस्ताव इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जायदी के माध्यम से तेहरान पहुंचाया गया था, जिन्होंने हाल ही में वॉशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात की थी। वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को इस रिपोर्ट को भटकाने वाली और भ्रामक बताया।

होर्मुज में फंसे 6,000 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध में शामिल देशों से अपील की है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे करीब 6,000 नाविकों को सुरक्षित निकालने और उन्हें उनके देशों तक पहुंचाने में मदद करें।

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने हजारों फंसे हुए समुद्री कर्मचारियों की स्थिति पर चिंता जताई है। उनके प्रवक्ता शाबिया मंटू (Shabia Mantoo) ने कहा कि इन नाविकों के सामने जलमार्ग में गंभीर मानवीय और मानवाधिकार संकट पैदा हो गया है और तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

ब्रिटेन और जर्मनी ने उठाए एहतियाती कदम

बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने ईरान से अपने कुछ राजनयिक कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुला लिया है। वहीं जर्मनी ने भी लाल सागर में तैनात अपने दो सैन्य जहाजों को वापस बुलाने की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी क्षेत्र में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी दी है कि हालात बिगड़ने पर हवाई उड़ानें रद्द हो सकती हैं।

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