समोसे के लिए ट्रेन रोकी: लोको पायलट की हरकत पर यात्रियों ने कहा- ये तो रोज़ का नज़ारा है

समोसे के लिए ट्रेन रोकने की घटना ने रेलवे सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल खड़े किए, यात्रियों का आरोप- ऐसे वाकये आए दिन होते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं होती
ट्रेन रोक कर समोसा खरीदते लोको पायलट
ट्रेन रोक कर समोसा खरीदते लोको पायलट
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मध्य प्रदेश के इंदौर से सोशल मीडिया पर एक बेहद हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। यहाँ एक लोको पायलट की समोसे के प्रति ऐसी दीवानगी देखने को मिली कि उसने अपनी क्रेविंग मिटाने के लिए पूरी ट्रेन को ही ट्रैक पर खड़ा कर दिया। बिना किसी झिझक के ड्राइवर ट्रेन रोककर सीधे दुकान पर समोसे खरीदने चला गया, जबकि अंदर बैठे यात्री काफी देर तक ट्रेन चलने का इंतजार करते रहे। आस-पास खड़े लोग भी इस नजारे को देख दंग रह गए। इसके बाद लोको पायलट आराम से समोसे का पैकेट लेकर वापस लौटा और ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया। वीडियो वायरल होने के बाद अब रेलवे प्रशासन ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है।

अक्सर समोसे के लिए रुकती है ट्रेन!

यह अजीबोगरीब मामला महू और इंदौर के बीच राऊ के रंगवासा रोड का है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह कोई पहली बार नहीं हुआ है; यहाँ अक्सर ऐसा नजारा देखने को मिलता है। ड्राइवर अपनी ड्यूटी के दौरान चलती ट्रेन को अचानक पटरी पर ही ब्रेक लगा देता है। ट्रेन रुकते ही लोको पायलट नीचे उतरता है, पास के ठेले या दुकान से गरमा-गरम समोसे पैक करवाता है और वापस आकर ट्रेन को आगे बढ़ा देता है।

बड़ी लापरवाही

समोसे के चक्कर में यात्रियों की सुरक्षा और समय को ताक पर रखने के इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है, और वीडियो सामने आने के बाद रेलवे विभाग इस पर सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

रेलवे क्या कह रही

इस मामले पर रेलवे प्रशासन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सोशल मीडिया के जरिए यह वीडियो उनके संज्ञान में आया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि फिलहाल वह इस वीडियो की पूरी तरह से पुष्टि नहीं कर सकते हैं, लेकिन शुरुआती जांच और देखने से यह प्रतीत हो रहा है कि वीडियो उन्हीं के डिवीजन का है। रेलवे अधिकारियों ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है

विभाग को सौंपी जांच

रेलवे जन संपर्क ‌अधिकारी के मुताबिक, वीडियो को संबंधित विभाग के पास भेज दिया गया है और पूरे मामले की बारीकी से जांच करने के आदेश दे दिए गए हैं। यदि जांच में लोको पायलट दोषी पाया जाता है या नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो रेलवे प्रशासन द्वारा उस पर निर्धारित नियमों के तहत सख्त पेनल्टी (जुर्माना) लगाई जाएगी और उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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