

अदीस अबाबा : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और अफ्रीका से वैश्विक संस्थाओं में सुधार, आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में उचित प्रतिनिधित्व के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों और आर्थिक संकटों का खामियाजा विकासशील देशों को भुगतना पड़ रहा है, जबकि इन घटनाओं में उनकी कोई भूमिका नहीं है। जयशंकर ने ईंधन, खाद्य पदार्थ, उर्वरक और वित्त से जुड़े संकट को ‘4एफ संकट’ बताते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी और विभिन्न संघर्षों ने ग्लोबल साउथ के विकास को पीछे धकेला है। उन्होंने कहा कि भारत, अफ्रीका और अन्य विकासशील देशों को मिलकर इन चुनौतियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। जयशंकर ने कहा कि भारत अफ्रीका का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और द्विपक्षीय व्यापार करीब 100 अरब डॉलर पहुंच गया है। अफ्रीका में भारतीय निवेश दवा, ऊर्जा, कृषि, विनिर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में है। जयशंकर ने डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष, ड्रोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताया।