ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र में से किसी एक को चुनना गलत विकल्प : जयशंकर

ब्रिक्स गैर-पश्चिमी देशों के लिए वैकल्पिक विचारों का मंच है
Choosing between BRICS and the UN is a wrong choice: Jaishankar
संबोधित करते विदेश मंत्री एस. जयशंकर
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न्यूयॉर्क : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र में से किसी एक को चुनना ‘गलत विकल्प’ है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स जैसे समूह संयुक्त राष्ट्र के पूरक हैं और उसके सुधार का समर्थन करते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर एक कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की कमियों के बावजूद उसने वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र नहीं होता तो दुनिया को ऐसा संगठन बनाने की जरूरत पड़ती। भारत में 12-13 सितंबर को हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समूह संयुक्त राष्ट्र को अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के केंद्र में मानता है। जयशंकर ने कहा, “ब्रिक्स संयुक्त राष्ट्र का समर्थन करता है और उसके कई सदस्य इसमें सुधार चाहते हैं।”उन्होंने कहा कि लचीलापन, स्थिरता, नवाचार और सहयोग ब्रिक्स तथा संयुक्त राष्ट्र दोनों के प्रमुख मुद्दे हैं। उनके मुताबिक ब्रिक्स गैर-पश्चिमी देशों के लिए वैकल्पिक विचारों का मंच है और वैश्विक विमर्श में उनकी भूमिका बढ़ रही है। कूटनीति में विश्वास के महत्व पर जयशंकर ने कहा कि यह अनुभव और व्यवहार से अर्जित होता है। विश्वसनीयता के लिए किसी देश का बड़ा होना जरूरी नहीं है।

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