श्रावणी मेला 2026 से पूर्व जसीडीह में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़: पूर्व रेलवे आरपीएफ ने सुरक्षा तंत्र को किया और मजबूत

श्रावणी मेला 2026 से पूर्व जसीडीह में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़: पूर्व रेलवे आरपीएफ ने सुरक्षा तंत्र को किया और मजबूत
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कोलकाता : माहभर चलने वाले श्रावणी मेला 2026 के शुभारम्भ से पूर्व, प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के जसीडीह रेलवे स्टेशन से होकर बाबा बैद्यनाथ धाम जाने की संभावना को देखते हुए, पूर्व रेलवे ने श्रद्धालुओं की सुरक्षित, संरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की है।

इसी क्रम में 24 जुलाई, 2026 को पूर्व रेलवे के महानिरीक्षक (आईजी), रेलवे सुरक्षा बल श्री ए.एन. सिन्हा ने आसनसोल मंडल के वरिष्ठ मंडलीय सुरक्षा आयुक्त के साथ जसीडीह रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान महानिरीक्षक ने यात्री होल्डिंग एरिया, स्टेशन परिसर, फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) तथा जसीडीह आरपीएफ पोस्ट का निरीक्षण कर समग्र सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। विशेष रूप से नव विकसित यात्री होल्डिंग एरिया का अवलोकन किया गया, जिसे श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुव्यवस्थित एवं नियंत्रित करने, स्टेशन परिसर में भीड़भाड़ रोकने तथा यात्रियों के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

महानिरीक्षक ने स्टेशन के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) कैमरों की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया। ज्ञात अपराधियों के डेटाबेस से एकीकृत यह प्रणाली सूचीबद्ध व्यक्तियों की पहचान होते ही वास्तविक समय (रियल-टाइम) में अलर्ट जारी करती है, जिससे आरपीएफ कर्मियों को संदिग्ध अथवा वांछित व्यक्तियों की शीघ्र पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने में सहायता मिलती है। इसके अतिरिक्त उन्होंने निगरानी प्रणाली, सुरक्षा बलों की तैनाती, भीड़ प्रबंधन रणनीतियों तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की समीक्षा की, ताकि श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जा सके।

इसके उपरांत रेलवे के विभिन्न विभागों, सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी), स्थानीय पुलिस तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, प्रभावी संचार तथा संयुक्त कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया, ताकि मेला अवधि के दौरान यात्रियों की निर्बाध आवाजाही, बेहतर सुरक्षा तथा कुशल प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री ए.एन. सिन्हा ने आरपीएफ कर्मियों से निरंतर सतर्कता, उच्च स्तर की पेशेवर कार्यशैली तथा यात्री-केंद्रित सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने मेला अवधि के दौरान 24×7 भीड़ प्रबंधन, मेला स्पेशल ट्रेनों में सुरक्षा एस्कॉर्ट की तैनाती, चौबीसों घंटे यात्री सहायता एवं हेल्प डेस्क का संचालन, संवेदनशील स्थलों पर सघन निगरानी तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।

रेलवे सुरक्षा बल, पूर्व रेलवे ने यात्री सुरक्षा एवं उत्कृष्ट सेवा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि श्रावणी मेला 2026 के सफल संचालन के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक सुरक्षा एवं परिचालन व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं, ताकि लाखों श्रद्धालु पूर्ण सुरक्षा, सुविधा एवं विश्वास के साथ अपनी पवित्र तीर्थयात्रा सम्पन्न कर सकें।

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