रणनीति बनाने बंगाल में आज एक साथ नड्डा और भागवत

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सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : शुक्रवार की सुबह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत कोलकाता पहुंचे तो रात में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी कोलकाता आगमन हुआ। सूत्राें के अनुसार, इस दौरान दोनाें सांगठनिक चर्चा करेंगे। आरएसएस के दक्षिण बंगाल प्रवक्ता बिप्लव रॉय ने कहा कि गत अक्टूबर महीने की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यह तय किया गया था कि जुलाई-अगस्त में देश के 3 क्षेत्रों में संघ की बैठक की जायेगी। इन 3 क्षेत्रों में बिहार व झारखण्ड को मिलाकर बिहार क्षेत्र, बंगाल, ओडिशा, सिक्किम व अण्डमान को मिलाकर पूर्वी क्षेत्र, असम, मेघालय, अरुणाचल, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा को मिलाकर असम क्षेत्र की बैठक कोलकाता में की जायेगी। आज यानी शनिवार की सुबह 9 बजे से यह बैठक केशव भवन स्थित आरएसएस मुख्यालय में चालू होगी जो अगले दिन शाम 6 बजे तक चलेगी। इसमें सभी क्षेत्रों के 70 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि संघ पिछले कुछ समय से सामाजिक विकास के क्षेत्रों जैसे कि ग्राम विकास, कृषि विकास, महिला विकास, एससी-एसटी विकास समेत आर्थिक विकास के माध्यम से सामाजिक विकास पर जोर दे रहा है। ऐसे में इस बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा की जायेगी। इसके अलावा संघ का सांगठनिक काम कितना बढ़ा है, इस पर भी चर्चा होगी। 14 तारीख तक कोलकाता दौरे पर रहने के बाद मोहन भागवत वापस लौट जायेंगे।
जेपी नड्डा करेंगे पंचायती राज सम्मेलन को संबोधित
शुक्रवार की रात जेपी नड्डा कोलकाता पहुंचे और शनिवार की सुबह बागनान में पंचायती राज सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह देउलटी में शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के घर पर जायेंगे। यहां से जेपी नड्डा साइंस सिटी में पंचायत चुनाव के जीते हुए उम्मीदवारों और चुनावी हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद न्यूटाउन के होटल में कोर ग्रुप के सदस्यों के साथ जेपी नड्डा बैठक करेंगे।
बंगाल में संगठन कितना मजबूत, होगी चर्चा
बताया जा रहा है कि एक तरफ संघ तो दूसरी ओर भाजपा के कद्दावर नेता बंगाल में संगठन कितना मजबूत है, इस पर चर्चा करेंगे। दो शीर्ष नेताओं के बंगाल आगमन को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2024 को टार्गेट रख बंगाल में भगवा आगे बढ़ना चाहती है। भागवत 14 तारीख तक तो नड्डा 13 तारीख तक कोलकाता में रहेंगे। ऐसे में दोनों का यह बंगाल दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

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