सोने के आयात के लिए सरकार ने शर्तों को सख्त किया

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नयी दिल्ली : कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी किए जाने के एक दिन बाद सरकार ने अग्रिम मंजूरी योजना के तहत सोने के आयात पर 100 किलोग्राम की सीमा भी तय कर दी। सरकार ने सोने के आयात के लिए अग्रिम मंजूरी जारी करने और उसकी निगरानी करने की शर्तों को और सख्त कर दिया है। इससे पहले, इस योजना के तहत सोने के आयात पर कोई सीमा नहीं थी। अग्रिम मंजूरी योजना के तहत उन लागत सामग्री का शुल्क-मुक्त आयात करने की अनुमति होती है, जिनका इस्तेमाल निर्यात किए जाने वाले उत्पाद को बनाने में किया जाता है। लागत सामग्री के अलावा पैकेजिंग सामग्री, ईंधन, तेल और कैटेलिस्ट का भी आयात किया जा सकता है, जिनका इस्तेमाल निर्यात उत्पाद के उत्पादन की प्रक्रिया में होता है।

अनिवार्य रूप से भौतिक निरीक्षण : विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा, इसमें कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति पहली बार अग्रिम मंजूरी के लिए आवेदन करता है, तो उसकी उत्पादन इकाई का अनिवार्य रूप से भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। यह निरीक्षण इकाई के अस्तित्व, उसकी क्षमता और उसके चालू होने की स्थिति की पुष्टि करने के लिए किया जाएगा। सोने के आयात के लिए कोई भी अगला अग्रिम मंजूरी एए तभी जारी करने पर विचार किया जाएगा, जब निर्यात की निर्धारित शर्त का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया गया हो। इसके साथ ही, अग्रिम मंजूरी धारक को हर पखवाड़े (15 दिन में) अपनी प्रदर्शन रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट को किसी स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा विधिवत प्रमाणित किया जाना चाहिए, जिसमें सोने के आयात और निर्यात से संबंधित विवरणों की पुष्टि की गई हो। इसके अलावा, महानिदेशालय का संबंधित क्षेत्रीय प्राधिकरण डीजीएफटी को एक मासिक रिपोर्ट जमा करेगा, जिसमें अग्रिम मंजूरी जारी करने से संबंधित विस्तृत जानकारी शामिल होगी।

क्या है मामला : इसके पहले सरकार ने बुधवार को सोने और चांदी पर आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे 15 प्रतिशत कर दिया। यह कदम पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण लगातार बढ़ते आयात खर्च को देखते हुए उठाया गया है। इसका उद्देश्य सोने-चांदी की खरीद को हतोत्साहित करना और गैर-जरूरी आयात में कटौती करना है। इसके तहत सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 13 मई से छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि प्लैटिनम पर आयात शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। 

क्या है स्थिति : वित्त वर्ष 2025-26 में सोने और चांदी का आयात सालाना आधार पर 26.7 प्रतिशत बढ़कर 102.5 अरब डॉलर हो गया जबकि कुल आयात में इनकी हिस्सेदारी 2024-25 के 11.8 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई। यह शुल्क बढ़ोतरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोने की खरीद पर रोक लगाने की अपील के कुछ ही दिनों बाद हुई है। प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा पर होने वाले गैर-ज़रूरी खर्च को कम करने के लिए दूसरे कड़े कदम उठाने की भी बात कही थी। चीन के बाद दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश भारत है। यहां सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग से तय होता है। इस तरह के आयात से विदेशी मुद्रा का काफ़ी बड़ा हिस्सा देश से बाहर चला जाता है।

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