

वाशिंगटन : अमेरिका की बदलती शुल्क नीतियों, ईरान युद्ध और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बढ़ते दबाव के बीच जी20 देशों के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक अमेरिका के मिलवॉकी में बैठक करेंगे। भारत की ओर से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इसमें हिस्सा लेंगे। बैठक की मेजबानी अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर करेंगे।
बैठक में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम को खत्म करने, ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र’ (एमएफएन) सिद्धांत को अद्यतन करने, खाद्य उत्पादों के व्यापार के राजनीतिक इस्तेमाल का विरोध करने तथा औद्योगिक क्षेत्र में अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन जैसी चुनौतियों पर चर्चा होगी।
यूएसटीआर के अनुसार, बैठक में वैश्विक औद्योगिक क्षमता से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। इस्पात उत्पादन में अतिरिक्त क्षमता अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख विवाद बन चुकी है और अमेरिका इसे घरेलू विनिर्माताओं तथा श्रमिकों पर पड़ने वाले दबाव से जोड़ता रहा है।
मिलवॉकी अमेरिका का प्रमुख औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र है, जहां खाद्य एवं पेय, मशीनरी, ऊर्जा और जल प्रौद्योगिकी से जुड़ी कई बड़ी कंपनियां हैं। बैठक की शुरुआत बिजनेस राउंडटेबल और नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स के स्वागत समारोह से होगी। इसके बाद वैश्विक इस्पात अतिरिक्त क्षमता मंच की मंत्रिस्तरीय बैठक होगी। जी20 मंत्री और ग्रीर रॉकवेल ऑटोमेशन के एक संयंत्र का दौरा भी करेंगे और श्रमिकों तथा उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे।
गोयल की ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देशों ने फरवरी में समझौते के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी, लेकिन अमेरिकी शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण बातचीत अभी जारी है। गोयल के अमेरिकी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करने की संभावना है।