

पटना : बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत कुमार सिंह ने गुरुवार को पार्टी के रुख से अलग जाते हुए विधान परिषद चुनाव के लिए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन में हिस्सा लिया।
मोकामा से विधायक सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ रहे जदयू के विधान पार्षद नीरज कुमार को हराने का अपना इरादा पहले ही स्पष्ट कर दिया था। उन्होंने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में एक जुलूस भी निकाला।
सिंह ने इस दौरान बगावती तेवर दिखाते हुए कहा, मुझे नहीं पता कि इस मामले में पार्टी का क्या रुख है। सच्चाई यह है कि उन्होंने (नीरज कुमार ने) कई मौकों पर मेरा विरोध किया है। अब मुझे भी उन्हें उसी तरह जवाब देना है।
वह वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव से ही नीरज कुमार से नाराज हैं। उस समय जदयू से नाता तोड़ने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। जदयू ने उनके खिलाफ कुमार को मैदान में उतारा था। हालांकि, सिंह ने बड़े अंतर से अपनी सीट बरकरार रखी थी।
कई बार विधायक रह चुके अनंत सिंह जब जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के नामांकन के लिए पहुंचे, तो उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। समर्थकों ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के समर्थन में नारे लगाए। ललन सिंह मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके अंतर्गत मोकामा विधानसभा क्षेत्र आता है।
घटनाक्रम पर जदयू के पदाधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, हमारी पार्टी पूरी तरह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन राजग के साथ है। अनंत सिंह को अपने कदम के बारे में खुद जवाब देना चाहिए। हम गठबंधन के सभी आठ उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस महीने के अंत में होने वाले विधान परिषद चुनाव में जदयू चार सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि शेष चार सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। रजक ने यह भी कहा, अनंत सिंह से संबंधित घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दे दी गई है। उचित समय पर उचित कार्रवाई की जा सकती है।