दुर्गापुर में रावण दहन में लोगों का उमड़ा जनसैलाब

58 वर्षों से हो रहा है आयोजन
रावन दहन में नाटक का मंचन करते कलाकार
रावन दहन में नाटक का मंचन करते कलाकार
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सन्मार्ग संवाददाता

दुर्गापुर: विगत 58 वर्षों से अखिल भारतीय सांस्कृतिक परिषद अपना नियमित वार्षिक कार्यक्रम दशहरा का आयोजन करता आ रहा है । इस वर्ष 20 अक्टूबर को राजीव गांधी स्मारक मैदान इस्पात नगरी में इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया था। रामलीला, रावण- कुंभकरण - मेघनाद के पुतले का दहन और रंगारंग आतिशबाजी का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

दुर्गापुर इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी सुरजीत मिश्रा, विधायक चंद्रशेखर बनर्जी, सीआईएसएफ की डीआईजी रुचि आनंद, परिषद के पूर्व अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह, वर्तमान अध्यक्ष मनोज राय, उपाध्यक्ष दिनकर तिवारी, परिषद के परि पालक गण जेपीएन ओझा, कमलाकांत झा, दिनेश चंद्र द्विवेदी, अनिरुद्ध सिंह के साथ डीएसपी और सामान्य प्रशासन के अधिकारी मंच पर उपस्थित थे। इस दौरान मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किया और नारियल तोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रामलीला का मंचन परिषद के ही तरुण और युवा कलाकारों द्वारा भव्य रूप से प्रस्तुत किया गया। रामलीला में कलाकारों के लिए पार्श्व ध्वनि बलराम चौधरी, डॉक्टर जितेंद्र मिश्र, राजू सिंह और मीनाक्षी चौधरी ने दिया। हजारों की भीड़ ने रामलीला का तालियों और हर्ष ध्वनि से बहुत सराहा। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले को विधायक चंद्रशेखर बनर्जी और निदेशक प्रभारी सुरजीत मिश्रा ने अग्नि प्रदान की। बम पटाखों की आवाज के साथ पुतले को जलाया गया और रंगारंग आतिशबाजी का कार्यक्रम आरंभ हुआ। मंच व्यवस्था में कमलाकांत झा, उपेंद्रनाथ मिश्र, उपनेश सिंह, सूरज मंडल, नारायण राजभर का भरपूर योगदान रहा । आतिशबाजी की देखरेख आद्या साह, रविंद्र साह, वीरेंद्र पांडेय कर रहे थे। सुरक्षा की व्यवस्था में स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवान थे। शाम 4 से कार्यक्रम का आरंभ हुआ और शाम 7 बजे संपन्न हुआ मंच संचालन कमलेश तिवारी ,रण बिहारी लाल और अजब सिंह कर रहे थे।महामंत्री अनोज कुमार भारती और कोषाध्यक्ष श्याम कुमार मंडल ने सभी गतिविधियों का सफलतापूर्वक संचालन किया।

दशहरा के एक दिन पहले महानवमी के दिन अखिल भारतीय सांस्कृतिक परिषद से संबंध 14 विभिन्न अखाड़ों ने अपनी झांकियों के साथ इस्पात नगरी का नगर भ्रमण किया। अखाड़े की भव्य और व्यवस्थित झांकियां शहर के लिए एक विशेष आकर्षण का अवसर होता है। इस वर्ष श्याम बाबू शुक्ल सभी अखाड़ों के संयोजक थे।

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