खेल के सक्रिय दिनों में अपनी फिरकी से दुनिया के बड़े-बड़े धुरंधर बल्लेबाजों को नाच नचाने वाले महान ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने शुक्रवार को राजनीति की पिच पर अपनी फिरकी से अपनी ही आम आदमी पार्टी को हैरान करते हुए 'बोल्ड' कर दिया। निश्चित तौर पर ऐसी फिरकी के बारे दूर-दूर तक किसी ने कल्पना नहीं की थी, लेकिन जब यह खबर आई कि 'टर्बनेटर' ने आम आदमी पार्टी के बाकी पांच राज्य संभा सांसदों के साथ आप का दामन छोड़कर बीजेपी का हाथ थाम लिया, तो एक बार को सभी हैरान रह गए । हालांकि, राघव चड्ढा के बारे में पिछले कुछ दिनों से ऐसी अटकलें लग रही थीं, लेकिन दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह का आप छोड़कर बीजेपी में शामिल होना तमाम पॉलिटिकल पंडितों को चौंका गया है ।
वर्ष 2022 में आप से जुड़े थे
अगर इस दिग्गज ऑफ स्पिनर के राजनीतिक करियर की बात करें, तो हरभजन सिंह ने 10 अप्रैल 2022 को पंजाब से राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया। तब उन्हें आम आदमी पार्टी की तरफ से नामित किाय गया था। भज्जी ने 18 जुलाई, 2022 को शपथ ग्रहण की थी और उनका यह कार्यकाल सा 2028 तक चलेगा। हालांकि, अब बीजेपी में शामिल होने के बाद उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है क्योंकि वह नियम के तहत कुल दो तिहाई सदस्यों के साथ बीजेपी से जुड़े हैं।
संसद में खासे सक्रिय रहे भज्जी
खेल के मैदान की तरह भज्जी राज्यसभा में भी जब भी अपनी बात कहने उतरे, तो पूरी तैयारी के साथ उतरे। उन्होंने राज्यसभा में खेल और खिलाड़ियों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से उन्होंने खेलों में महिलाओं और लड़कियों की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत के प्रदर्शन को सुधारने पर जोर दिया है। भज्जी ने संसद में पंजाब में रेल परियोजनाओं की देरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के घरों के निर्माण जैसे मुद्दों पर भी प्रश्न पूछे हैं, लेकिन अब वह यही सवाल अब बीजेपी की तरफ से पूछते दिखाई पड़ेंगे।
अपनी पूरी सैलरी दान करने का संकल्प
जब हरभजन सिंह राज्यसभा सदस्य बने थे, तो उन्होंने घोषणा की थी कि वह बतौर सांसद के रूप में मिलने वाली अपनी पूरी सैलरी किसानों की बेटियों की शिक्षा और उनके कल्याण के लिए दान करेंगे। यह उनकी सबसे चर्चित और प्रशंसित राजनीतिक घोषणाओं में से एक रही है।
खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की वकालत की
फरवरी-मार्च 2026 में हुए T20 विश्व कप के दौरान, उन्होंने न केवल एक विशेषज्ञ के रूप में काम किया, बल्कि संसद के मंच से भारत में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की वकालत भी की। उन्होंने अक्सर इस बात पर जोर दिया है कि भारत को दुनिया की 'स्पोर्टिंग सुपरपावर' बनाने के लिए ज़मीनी स्तर पर निवेश की जरूरत है।