‘द वावन: द फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’: रिलीज हाइप, स्टारकास्ट, कहानी और दर्शकों की प्रतिक्रिया
‘द वावन: द फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया अभिनीत नई हिंदी लोककथा-फैंटेसी थ्रिलर फिल्म है, जो 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म का निर्देशन पंचायत के लिए पहचाने जाने वाले दीपक कुमार मिश्रा ने किया है। फिल्म में भारतीय लोककथाओं, अलौकिक घटनाओं, ग्रामीण परंपराओं, आस्था और रहस्य को एक साथ जोड़ा गया है।
रिलीज के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा देखने को मिल रही है। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में कुछ दर्शकों ने फिल्म के विजुअल्स, लोककथा और कलाकारों के अभिनय की सराहना की है, जबकि कुछ दर्शकों ने इसकी पटकथा और कहानी की गति को लेकर सवाल उठाए हैं।
रिलीज और प्री-रिलीज हाइप
फिल्म ने रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच उत्सुकता पैदा कर दी थी। इसकी सबसे बड़ी वजह भारतीय लोककथा और अलौकिक रहस्य का मेल, साथ ही सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की जोड़ी रही। इसके अलावा पंचायत जैसे लोकप्रिय शो का निर्देशन कर चुके दीपक कुमार मिश्रा का एक अलग तरह की फैंटेसी और लोककथा आधारित दुनिया की ओर जाना भी चर्चा का विषय रहा।
फिल्म 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसे UA 16+ सर्टिफिकेट दिया गया है। फिल्म की अवधि लगभग 2 घंटे 17 मिनट बताई गई है।
कलाकार और किरदार
फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा मुख्य भूमिका में ऋषि का किरदार निभा रहे हैं। ऋषि एक तर्कवादी और शहर में रहने वाला व्यक्ति है, जो बिहार स्थित अपने पुश्तैनी गांव लौटता है। तमन्ना भाटिया फिल्म में उनकी पत्नी ममता की भूमिका में हैं।
फिल्म की सहायक स्टारकास्ट में अनूप सोनी, सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी, मनीष पॉल, अवतार गिल, मिलिंद गुनाजी और सुलभा आर्या सहित कई कलाकार शामिल हैं।
फिल्म का निर्देशन दीपक कुमार मिश्रा ने किया है, जबकि अरुणाभ कुमार इसके लेखक हैं। फिल्म का निर्माण बालाजी मोशन पिक्चर्स, TVF मोशन पिक्चर्स और 11:11 प्रोडक्शंस के सहयोग से किया गया है।
क्या है ‘द वावन’ की कहानी?
फिल्म की कहानी ऋषि के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पत्नी ममता के साथ मुंबई में रहता है और लंबे समय से बिहार स्थित अपने पुश्तैनी गांव देवांचल से दूर है। जमीन से जुड़े एक मामले और परिवार के साथ छठ पूजा में शामिल होने के लिए वह वापस गांव लौटता है।
गांव लौटने के बाद ऋषि का सामना एक पुराने गांव की मान्यता से होता है। गांव के पास मौजूद एक रहस्यमयी और निषिद्ध जंगल को लेकर मान्यता है कि उसकी रक्षा वन देवी करती हैं। स्थानीय लोग सूर्यास्त के बाद जंगल में जाने से बचते हैं।ऋषि शुरुआत में इन मान्यताओं को तर्क और विज्ञान की नजर से देखता है। लेकिन जंगल से जुड़ी घटनाएं धीरे-धीरे उसे एक अलौकिक रहस्य में खींच लेती हैं। इसी बीच जंगल के बीच से सड़क बनाने का प्रस्ताव सामने आता है। ग्रामीण इस योजना का विरोध करते हैं क्योंकि उनके लिए जंगल केवल जमीन का हिस्सा नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ा एक पवित्र स्थान है|
फिल्म की कहानी में आस्था, लोककथा, लालच, पर्यावरण, परिवार, नुकसान और तर्क बनाम पारंपरिक विश्वास जैसे विषयों को शामिल किया गया है। कहानी आगे बढ़ने के साथ ऋषि जंगल और उससे जुड़े रहस्य के और करीब पहुंचता जाता है।
छठ के माहौल ने बढ़ाई ‘वावन’ की चर्चा
‘द वावन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की रिलीज ऐसे समय हुई है जब बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में छठ पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो रही हैं। फिल्म में छठ पूजा को कहानी और इसके सांस्कृतिक माहौल का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। खास तौर पर ‘छठी मैया’ गाने ने फिल्म को लेकर चर्चा बढ़ाई है। यह गाना 10 सितंबर को रिलीज हुआ और सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने मुख्यधारा की हिंदी फिल्म में छठ पूजा को इस तरह प्रस्तुत किए जाने की सराहना की।
फिल्म की टीम ने भी बिहार में प्रचार के दौरान छठ से जुड़े धार्मिक स्थलों और रस्मों में हिस्सा लिया। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया ने पटना के आसपास मंदिरों का दौरा किया और कोसी भरना रस्म में भी भाग लिया। इससे फिल्म की रिलीज और छठ के आगामी त्योहार के बीच सांस्कृतिक कनेक्शन और चर्चा में आया।
हालांकि, कुछ रिपोर्टों में ‘छठी मैया’ गाने में दिखाए गए कुछ रीति-रिवाजों और उनके सिनेमाई चित्रण को लेकर सवाल भी उठाए गए हैं। बिहार और झारखंड के लोगों से बातचीत पर आधारित रिपोर्टों में कहा गया कि गाना छठ की भक्ति और भावनाओं को प्रस्तुत करता है, लेकिन कुछ जगहों पर फिल्मी स्वतंत्रता भी ली गई है।
क्या कह रहे हैं दर्शक?
‘द वावन’ को लेकर शुरुआती दर्शक प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। कई दर्शकों ने फिल्म की लोककथा आधारित कहानी, विजुअल प्रेजेंटेशन और सिद्धार्थ मल्होत्रा के अभिनय की सराहना की है। मनोरंजन से जुड़ी रिपोर्टों में सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाओं के हवाले से फिल्म के भारतीय लोकाचार, अलौकिक तत्वों और वातावरण की प्रशंसा का उल्लेख किया गया है।
पहले दिन फिल्म देखने वाले कुछ दर्शकों ने खास तौर पर इसके इंटरवल सीक्वेंस को प्रभावशाली बताया। कुछ प्रतिक्रियाओं में सिद्धार्थ मल्होत्रा की स्क्रीन प्रेजेंस और फिल्म द्वारा एक अलग तरह की फैंटेसी दुनिया तैयार करने की कोशिश की भी चर्चा हुई।
वहीं, सभी दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं रही। कुछ दर्शकों ने फिल्म की पटकथा, कहानी की गति और प्रस्तुति को लेकर आलोचना की है। सोशल मीडिया पर आई कुछ प्रतिक्रियाओं के अनुसार, कुछ दर्शकों को लगा कि फिल्म का लोककथा आधारित विचार जितना महत्वाकांक्षी है, कहानी उसे हर जगह समान रूप से प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ा पाती।