पश्चिम बंगाल में चुनाव होने वाले हैं। चुनावी दौरे के दौरान पीएम मोदी के झालमुड़ी चखते ही हर कोई बंगाल की इस देसी स्ट्रीट फूड की चर्चा कर रहा है। दूसरी तरफ भेलपुरी की भी चर्चा होने लगी है और लोगों यही जानना चाहते हैं कि झालमुड़ी और भेलपुरी के बीच क्या अंतर होता है। झालमुड़ी और भेलपुरी, दोनों ही भारत के सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड हैं। दिखने में ये भले ही एक जैसे लगें, लेकिन इनके स्वाद, सामग्री और बनाने के तरीके में काफी अंतर होता है। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि झालमुड़ी और भेलपुरी में क्या अंतर होता है?
झालमुड़ी
इसमें मुरमुरे को मसालों, उबले आलू, चने, कटे हुए प्याज, खीरा और नारियल के टुकड़ों के साथ मिलाया जाता है। इसका असली स्वाद इसमें डाले जाने वाले 'मसाला तेल' और कच्चे सरसों के तेल से आता है। इसे अक्सर कागज़ के 'ठोंगे' में दिया जाता है।
भेलपुरी
इसमें मुरमुरे के साथ पपड़ी और सेव की मात्रा ज्यादा होती है। इसमें इमली की गुड़ वाली चटनी और पुदीने की तीखी चटनी डाली जाती है, जिससे यह थोड़ी गीली होती है और खाने में एक अलग ही स्वाद देती है।
ये चीजें झालमुड़ी और भेलपुरी को बनाती हैं अलग
नारियल और चना : झालमुड़ी में बारीक कटा हुआ ताज़ा नारियल और भुने हुए काले चने अक्सर मिलते हैं, जो भेलपुरी में नहीं होते।
पपड़ी और सेव : भेलपुरी में कुरकुरी पपड़ी को तोड़कर डाला जाता है और ऊपर से 'सेव' से गार्निश किया जाता है।
मसाला : झालमुड़ी में एक खास 'मुड़ी मसाला' इस्तेमाल होता है, जबकि भेलपुरी में चाट मसाला और नींबू के रस का इस्तेमाल होता है।