मैसूरु :
महलों के शहर मैसूरु में 11 दिन तक चलने वाले प्रसिद्ध दशहरा उत्सव की शुरुआत रविवार को धार्मिक और पारंपरिक उत्साह के साथ हुई। कोप्पल के गविमठ के पुजारी अभिनव गविसिद्धेश्वर महास्वामीजी ने उत्सव का उद्घाटन किया। ‘नाडा हब्बा’ (राज्य उत्सव) के रूप में मनाया जाने वाला दशहरा या ‘शरण नवरात्र’ उत्सव इस साल काफी भव्य होने की उम्मीद है। इस दौरान कर्नाटक की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के साथ-साथ राजसी वैभव और गौरव की झलक भी देखने को मिलेगी। स्वामीजी ने मैसूरु और वहां के राजघरानों की आराध्य देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा पर फूल बरसाकर उत्सव की शुरुआत की। यह कार्यक्रम चामुंडी पहाड़ियों पर स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर परिसर में हुआ, जहां पुजारियों ने वैदिक मंत्रों का जाप किया और यह शुभ ‘धनुर लग्न’ के दौरान किया गया।