सन्मार्ग संवाददाता
देहरादून : उत्तराखंड में दर्जनों ऐसी संपत्तियों का ब्यौरा सामने आने लगा है जोकि वक्फ बोर्ड में चढ़ी हुई है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा जारी "उम्मीद पोर्टल " में नहीं दर्ज की गई है।
जानकारी के मुताबिक इसके पीछे वजह ये बताई जा रही है कि उक्त संपत्तियों के बारे में कब्जेदारो के पास कोई दस्तावेज नहीं है, ये भी जानकारी मिली है कि इनमें बहुत से ऐसी संपत्तियाँ है जोकि सरकारी जमीनों पर कब्जे कर बनाई गई और उन्हें फिर वक्फ बोर्ड में दर्ज कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि वक्फ संपत्तियों के बारे में भारत सरकार ने जो नए नियम बनाए उसके तहत 6 दिसंबर 2025 तक सभी कब्जेदारो को उसकी सूचना,दस्तावेजों ,साक्ष्यों के साथ " उम्मीद पोर्टल " पर ऑनलाइन दर्ज करवाने थे। भारत सरकार और राज्य सरकार ने बाकायदा इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए और " मुतवल्लियों " को ये सिखाया गया कि कैसे ऑनलाइन प्रकिया अपनानी है।
देश भर में बहुत सी संपत्तियां दर्ज भी हुई कुछ छूट गई ,केंद्र ने पुनः तीन माह का समय दिया और 6 फरवरी 2026 तक सभी वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा यहां दर्ज करने के लिए कहा गया।
बावजूद इसके भारी संख्या में संपत्तियों को दर्ज नहीं किया गया।