आपने कभी सिग्नल नहीं तोड़ा, फिर भी कटा चालान? AI
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आपने कभी सिग्नल नहीं तोड़ा, फिर भी कटा चालान? तो हो जाएं सावधान !

हैदराबाद पुलिस ने पकड़ा 'नंबर क्लोनिंग' का नया ट्रेंड

हैदराबाद : अगर आपको अचानक ऐसे ट्रैफिक चालान मिलने लगें, जिनका आपसे कोई लेना-देना नहीं है, तो सतर्क हो जाइए। अपराधी अब चालान से बचने के लिए दूसरों की गाड़ी का नंबर इस्तेमाल कर रहे हैं। हैदराबाद में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहाँ लोग घर बैठे ही उन गलतियों की सजा भुगत रहे हैं, जो उन्होंने कभी की ही नहीं। इसलिए अपनी नंबर प्लेट और चालान मैसेज पर पैनी नजर रखें।

हैदराबाद पुलिस ने उन दो दिलचस्प मामलों की जांच के बाद एक बड़ा खुलासा किया है, जहाँ वाहन मालिकों को बिना किसी गलती के चालान मिल रहे थे। आरोपियों ने असली नंबरों की नकल की और लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते रहे। सड़कों पर लगे ऑटोमेटेड कैमरों ने इन फर्जी नंबर प्लेटों को पकड़ा, लेकिन चालान असली मालिकों के पास पहुँच गए।

पहला मामला: 500 किमी दूर से आया चालान

इस हफ्ते की शुरुआत में सुलझाए गए पहले मामले में, आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के एक निवासी ने हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस से संपर्क किया। उनकी शिकायत अजीब थी: उन्हें जुबली हिल्स इलाके में ट्रैफिक उल्लंघन के चालान मिल रहे थे, जो उनके घर से लगभग 500 किलोमीटर दूर है।

जुबली हिल्स पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया, जहाँ जांच में पता चला कि एक फूड एग्रीगेटर के लिए काम करने वाले 26 वर्षीय वी. सुरेश कुमार ने अपने स्कूटर से मूल रजिस्ट्रेशन नंबर हटाकर उसकी जगह फर्जी प्लेट लगा दी थी। उसकी योजना सीधी थी: वह नियम तोड़ेगा और जुर्माना कोई और भरेगा।

एक अधिकारी ने बताया, “आरोपी जुबली हिल्स मेट्रो स्टेशन क्षेत्र में काम करता है। ट्रैफिक नियम तोड़ने पर उस पर कई बार जुर्माना लगाया गया था। इससे बचने के लिए उसने 'AP39' से शुरू होने वाला एक रैंडम नंबर चुना और उसे अपने दुपहिया वाहन पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। यह नंबर नेल्लोर के एक निवासी का था, जिन्हें लगातार चालान मिल रहे थे। जांच में पता चला कि आरोपी के वाहन का असली नंबर TS09BWTRXXXX है।”

दूसरा मामला: नंबर प्लेट में एक अक्षर का बदलाव

दूसरे मामले में, हैदराबाद के कुकटपल्ली की एक गृहिणी ने पुलिस से संपर्क कर बताया कि उन्हें उन उल्लंघनों के लिए कई चालान मिले हैं जो उन्होंने कभी किए ही नहीं। उन्होंने बताया कि वह उन इलाकों में गई भी नहीं थीं जहाँ नियम तोड़े गए थे।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज स्कैन की और वाहन की पहचान की। पुलिस ने वाहन मालिक शेख अब्बू बाबा (41) और उनके रिश्तेदार शेख रिहान (19) को हिरासत में लिया। वाहन का उपयोग करने वाले रिहान ने कई बार नियम तोड़े थे और उस पर अक्सर जुर्माना लगता था। इससे बचने के लिए उसने अपनी असली नंबर प्लेट के एक अक्षर को बदल दिया। इस चालाकी की वजह से चालान सीधे उस महिला के पास जाने लगे। महिला ने पुलिस को बताया कि बिना घर से बाहर निकले लगातार मिल रहे चालान के नोटिफिकेशन से वह काफी तनाव में थीं। अब आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस की अपील

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस तरह की कई शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें वाहन पंजीकरण नंबर के दुरुपयोग का संदेह हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

हैदराबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक), डी. जोएल डेविस ने कहा, “फर्जी या छेड़छाड़ की गई नंबर प्लेट का उपयोग एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। सीसीटीवी निगरानी और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों जैसी उन्नत तकनीकों की मदद से ऐसे उल्लंघनों की प्रभावी ढंग से निगरानी की जा रही है। यदि कोई फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग कर रहा है, तो हम उसे ट्रैक कर सकते हैं। नागरिक ई-चालान वेबसाइट, आधिकारिक ईमेल या व्हाट्सएप हेल्पलाइन के माध्यम से किसी भी संदिग्ध दुरुपयोग की रिपोर्ट कर सकते हैं।”

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