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गोवा नाइट क्लब हादसे से प्रशासन की टूटी नींद, धारा 163 के तहत जारी किया आदेश, जाने क्या ?

यह प्रतिबंध उत्तरी गोवा के सभी नाइटक्लब, बार और रेस्त्रां, होटल, गेस्टहाउस, रिसॉर्ट, समुद्र तटों पर बने अस्थायी ढांचों, अस्थायी संरचनाओं, कार्यक्रम स्थलों और मनोरंजन प्रतिष्ठानों पर लागू होता है

Badrinath Shaw

पणजी: उत्तरी गोवा के एक नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत के कुछ दिनों बाद जिला प्रशासन ने पर्यटन स्थलों के अंदर आतिशबाजी, फुलझड़ियों और अग्नि क्रीड़ा के इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। उत्तरी गोवा जिला प्रशासन ने छह दिसंबर की आधी रात के आसपास अरपोरा स्थित नाइट क्लब में आग लगने की घटना के मद्देनजर एहतियाती उपाय के तौर पर बुधवार शाम को यह आदेश जारी किया।

धारा 163 के तहत आदेश जारी

जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है, जिसमें पर्यटन स्थलों के अंदर आतिशबाजी, फुलझड़ियों, अग्नि क्रीड़ा के उपकरणों, धुआं उत्पन्न करने वाले यंत्रों और इसी तरह के आग/धुआं पैदा करने वाले उपकरणों के उपयोग पर रोक लगाई गई है।’’

‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की हुई थी मौत

आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध उत्तरी गोवा के सभी नाइटक्लब, बार और रेस्त्रां, होटल, गेस्टहाउस, रिसॉर्ट, समुद्र तटों पर बने अस्थायी ढांचों, अस्थायी संरचनाओं, कार्यक्रम स्थलों और मनोरंजन प्रतिष्ठानों पर लागू होता है।

अधिकारियों ने पहले बताया था कि अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में लगी भीषण आग की प्रारंभिक जांच में यह कहा गया है कि परिसर के अंदर ‘‘इलेक्ट्रिक पटाखे’’ फोड़े गए थे, जिससे आग भड़क उठी और 25 लोगों की जान चली गई।

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